भूकंप, भूस्खलन और आगजनी जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों की होगी परख
ऊना, 12 जून. प्रदेशव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत 15 जून को जिला ऊना के पांच स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान भूकंप, भूस्खलन, आगजनी और भवन गिरने जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता का परीक्षण किया जाएगा।
मेगा मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की। बैठक में जिला प्रशासन ऊना की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ भाग लिया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी पांच उपमंडलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्य निर्धारित किए गए हैं। इन परिदृश्यों के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों और क्षमता का आकलन किया जाएगा।
बैठक में मौसम पूर्वानुमान, अर्ली वार्निंग सिस्टम, उपग्रह आधारित मौसम निगरानी, आपदा के दौरान संचार एवं समन्वय व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव, यातायात प्रबंधन तथा आगजनी की घटनाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, जन-जागरूकता बढ़ाने तथा पूर्व तैयारियों को और सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।
इन स्थानों पर होगा अभ्यास
मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत ऊना उपमंडल के इंडियन ऑयल बॉटलिंग प्लांट मैहतपुर में आग लगने, बंगाणा उपमंडल के तूतड़ू क्षेत्र में जंगल की आग, अंब उपमंडल के पिंडी दास आश्रम एवं नेत्र चिकित्सालय क्षेत्र में भूस्खलन, गगरेट उपमंडल के पिंडी फिलिंग स्टेशन में आग लगने तथा हरोली उपमंडल के बेला बाथड़ी स्थित न्यासा मल्टीप्लास्ट में भवन गिरने की काल्पनिक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा।
बैठक में नगर निगम ऊना के आयुक्त पृथिपाल सिंह, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, तहसीलदार ऊना विपन ठाकुर, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कुलदीप सिंह, रेंज ऑफिसर बंगाणा अंकुश आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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