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बगेहडा़ मे लगी लोगो को कोरोना की बूस्टर डोज

न्यूज़ हिमाचल 24
सुजानपुर के अंतर्गत आती पंचायत बगेहडा़ के स्वास्थ्य उपकेंद्र में कोरोना की बूस्टर डोज लगाई गई जिसमें मेडिकल ऑफिसर सुरेंद्र सिंह डोगरा की अगुवाई में यह बूस्टर डोज लगाई गई ।


सुरिंदर सिंह डोगरा ने बताया कि 250 के करीब लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाई गई इस मौके पर उनके साथ फीमेल हेल्थ वर्कर विद्या देवी, सौरव ठाकुर, आशा वर्कर बबीता, सीमा, रंजना, चंद्रेश ,ने पूरे इलाके के लोगों को लाभान्वित कराया और उनकी देखरेख में टीकाकरण किया गया।


मेडिकल ऑफिसर सुरेंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि सभी लोगों के लिए करो ना कि बूस्टर डोज लगाना बहुत ही अनिवार्य है।

रेंजर्स ने चमकाया नारला महाविद्यालय का नाम



किरण / पधर( मंडी )


द्रँग क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय द्रँग स्थित नारला की 3 रेंजर्स मोनिका बी ए प्रथम वर्ष,प्रिया चौहान बीए प्रथम वर्ष,मुस्कान बी ए द्वितीय वर्ष ने राज्य गणतंत्र दिवस परेड शिमला में भाग लेकर महाविद्यालय का नाम रोशन किया है । रेंजर लीडर डॉक्टर दीपाली अशोक ने जानकारी देते हुए बताया की रोवर एंड रेंजर इकाई राजकीय महाविद्यालय द्रँग स्थित नारला के रोवर्स एंड रेंजर्स ने पहले प्री-आरडी कैम्प रिवालसर में भाग लिया एवम् तय प्रक्रिया के तहत चयनित होकर राज्य गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया और महाविद्यालय का नाम चमकाया । महाविद्यालय कि रोवर रेंजर इकाई वर्ष भर अनेक कार्यक्रम महाविद्यालय के स्तर पर करती रहती है ।महाविद्यालय प्रचार्या डॉक्टर वंदना वैद्य व समस्त महाविद्यालय परिवार ने सभी रोवर्स एवम् रेंजर्स को उनकी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाये दी ।

नवदंपति सहित नड्डा परिवार ने मां नैना देवी में नवाजा शिश

अंशुल शर्मा।ब्यूरो।बिलासपुर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की सादगी देखते ही बनती है। रविवार को अपने छोटे पुत्र हरीश के विवाह के उपरांत जगत प्रकाश नड्डा परिवार सहित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नैना देवी में माता के दर्शन करने के लिए गए। वहां पहुंचने पर उन्होंने वीआईपी कल्चर को किनारे करते हुए लाइन में लगकर माता के दर्शन किए।

इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर मल्लिका नड्डा, नवविवाहित पुत्र हरीश तथा पुत्रवधू रिद्धि भी साथ रहीं। इसके अलावा अन्य रिश्तेदारों ने भी उनके साथ माता नैना देवी के चरणों में अरदास की। जगत प्रकाश नड्डा ने परिवार सहित इस अवसर पर मंदिर में हवन यज्ञ भी किया। मां नैना देवी पुजारी समिति ने इस अवसर पर नड्डा परिवार का स्वागत और अभिनंदन किया तथा माता की चुनरी उन्हें भेंट की।

नैना देवी के विधायक तथा पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा तथा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य आशुतोष शर्मा सहित अन्य भाजपा के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

फार्मेसी संघ की विभिन्न प्रकार की समस्याओं का होगा समाधान –सुरेंन्द्र नड्डा



अंशुल शर्मा।।ब्यूरो।बिलासपुर

नैना देवी जी ब्लॉक फार्मेसी ऑफिसर संघ की बैठक अध्यक्ष रणेश राणा जी की अध्यक्षता में मात्रि अंचल के सभागार में आयोजित की गई । इस बैठक में जिला बिलासपुर फार्मेसी ऑफिसर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र नड्डा ,महासचिव नरेश शर्मा ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव शर्मा ,राज्य प्रतिनिधि रविकांत मराठा विशेष रूप से उपस्थित रहे ।



इस बैठक में समस्त श्री नैना देवी ब्लॉक के फार्मेसी ऑफिसर ने भाग लिया । इस बैठक में विशेष रुप से फार्मेसी ऑफिसर को आने वाली दिक्कतो पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया । जिला संघ के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि ब्लॉक की समस्याओं के निदान के लिए भरसक प्रयास किए जाएंगे ताकि हमारा फार्मेसी ऑफिसर दक्षता के साथ अपने कार्य का निर्वहन कर सके और अतिरिक्त बोझ भी हमारे फार्मेसी ऑफिसर पर ना पड़े।



इस बैठक में विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई कॉन्ट्रैक्ट पीरियड को पेंशन बहाली के लिए कुल सेवाकाल में जोड़ा जाए ।आपातकालीन सेवाएं फार्मेसी ऑफिसर सदैव देता आया है, तो उनके लिए विशेष फार्मेसी भत्ता दिया जाए या 13 महीने की तनखा दी जाए। फार्मेसी ऑफिसर के संदर्भ में जो उनके कार्य क्षेत्र में कार्य है, वही दिया जाए ,बाकी अतिरिक्त आज उन पर ना डाला जाए ,ताकि वह पूरी दक्षता से अपने कार्य को निर्वहन कर सकें। क्योंकि आजकल फार्मेसी ऑफिसर से उनके कार्यक्षेत्र से बाहर के कार्य भी दिए जा रहे हैं जबकि फार्मेसी ऑफिसर के कार्य क्षेत्र में बहुत ज्यादा कार्य का पहले से ही है।



इस बैठक में ब्लॉक के महासचिव अशोक पाठक ,कोषाध्यक्ष सौरव शर्मा ,मुख्य सलाहकार व जिला सह सचिव श्यामलाल ,जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार, राज्य प्रतिनिधि गुरु नेत्र सिंह ,दीपक राणा ,श्रीमती प्रवीण राहुल शर्मा कंचन रानौत, राज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे ।

सूफी गायक अर्जुन गोपाल ने व्यास उत्सव की अंतिम संध्या में खूब बांधा समां ,खूब थिरके दर्शक



अंशुल शर्मा।ब्यूरो।बिलासपुर।।


अखिल हिमालय महोत्सव व्यास उत्सव मेला की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी, पहाड़ी व सूफी गायक अर्जुन गोपाल ने खूब समां बांधा। उन्होंने भगवान की अरदास से कार्यक्रम शुरू किया। उसके बाद उन्होंने यारी चंडीगढ़ वालिए , यार तेरा चेतक पे चाले, मैं तां चेतक लेया सी, जुगनी, ये देश है वीर जवानों का , बाकी दे काम बाद च पेहला सेहत जरूरी है, गेडा दे दे नी मुटियार, मस्त बना देंगे बीबा के साथ अन्य गीतों पर दर्शकों को खूब नचाया।



अखिल हिमालय महोत्सव व्यास उत्सव मेला की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि अतिरिक्त आयुक्त उपायुक्त गौरव शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि आयोजन समिति इस तरह का आयोजन कर एक सराहनीय कार्य कर रही है। इस उत्सव में विभिन्न प्रकार की खेल सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजन करवाया जाता है। हर आयु वर्ग को यहां कोई ना कोई प्रतियोगिता है। गायन, नृत्य, निबन्ध लेखन, चित्रकला, फैंसी ड्रेस बेबी शो, क्रिकेट, फुटबॉल व अन्य कई प्रकार की प्रतियोगिता यहाँ होती है। इसके लिए आयोजको को बधाई।



अखिल हिमालय महोत्सव व्यास उत्सव मेला के प्रवक्ता कर्ण चन्देल ने बताया कि अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि पहुंचने पर आयोजन समिति ने स्वागत किया। मुख्यतिथि ने द्वीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष कमलेन्द्र कश्यप, उपाध्यक्ष अविनाश कपूर, चैयरमैन चमन गुप्ता, सचिव राज कुमार ने मुख्यतिथि को शॉल, टोपी, स्मृति चिन्ह व व्यास जी की तस्वीर देकर सम्मानित किया।



कर्ण चन्देल ने बताया कि समूहगान वर्ग क में वेदांशी ग्रुप प्रथम, पावनी ग्रुप द्वितीय, ख में रितु ग्रुप प्रथम व जागृति ग्रुप द्वितीय, समूह नृत्य ग्रुप क में तमन्ना ग्रुप प्रथम, मानवी ग्रुप द्वितीय, ख में मोनिका ग्रुप प्रथम, प्रजा ग्रुप द्वितीय रहे। म्यूजिकल चेयर में पावनी प्रथम, जेनिथ द्वितीय रहे। क्रिकेट में कनिष्ठ में शिवम आईटीआई प्रथम, शिवम गोस्वामी टीम द्वितीय रहे। वरिष्ठ में व्यास वॉरियर प्रथम रहे। वरिष्ठ कबड्डी लड़कों में खेलो इंडिया प्रथम, हंटर टीम द्वितीय, कनिष्ठ में खेलो इंडिया प्रथम, स्टेट होस्टल द्वितीय, वरिष्ठ लड़कियों में स्टेट होस्टल प्रथम , खेलो इंडिया द्वितीय, कनिष्ठ में खेलो इंडिया प्रथम, स्टेट होस्टल द्वितीय रहे।रक्त सेवकों में निशांत, नीतू सोनी, रजत, अभिनव, मनोज ठाकुर, रुचिका ठाकुर, अभिषेक को सम्मानित किया गया।

लोकतंत्र पद्धति में संविधान सर्वोच्च –राजेश धर्माणी



अंशुल शर्मा -घुमारवीं

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तथा घुमारवीें के विधायक राजेश धर्माणी ने केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू द्वारा बार बार विभिन्न बहानों से सुप्रीम कोर्ट के कालजियम द्वारा जजों की नियुक्ति किए जाने के औचित्य पर उंगली उठाने और इस बहाने संविधान और संसद के मध्य कौन बड़ा है और कौन छोटा है का विवाद खड़ा करने को दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय प्रयास बताया है ।



राजेश धर्माणी ने कहा कि इसी प्रकार उप राष्ट्रपति का पद भी एक अत्यंत सम्माननीय व गौरवमयी पद है । किन्तु केंद्रीय सरकार की विचारधारा से रसे बसे उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी अपने आपको इस व्यर्थ की बहस में घसीट कर अनुचित व अप्रत्याशित विवाद खड़ा कर रहे हैं जबकि वास्तव में इस सारे मामले में केंद्र सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए और अपने इन महत्वपूर्ण प्रवक्ताओं को सुप्रीम कोर्ट और संसद तथा संविधान के बीच विवाद खड़ा करने से रोकना चाहिए।



राजेश धर्माणी का मानना था कि लोकतंत्रीय पद्धति में संविधान सर्वोच्च सत्ता है । क्यों कि चाहे राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री या कोई मंत्री हो , यह सभी पद उसी संविधान की उत्पत्ति है। यह सभी उसी संविधान की शपथ लेकर पद प्रतिष्ठा और मान.सम्मान प्राप्त करते हैं । इसलिए इस पर उंगली उठाने से पहले कई बार सोच लेना चाहिए।



राजेश धर्माणी का कहना था कि जहां तक सुप्रीम कोर्ट के कालजियम द्वारा जजों की नियुक्ति किए जाने का प्रश्न है, उसमें पहले ही एक निर्णायक फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया जा चुका है । जिसे बार बार खोलने व कुरेदने का प्रयास प्रजातन्त्र के हित में नहीं है । उन्होने कहा कि इससे तो यह संदेह पैदा होता है कि केंद्र सरकार में कुछ तत्व देश में प्रजातंत्रीय पद्धति को हानि पहुंचाने का प्रयास किए जा रहे हैं ।



उन्होने प्रश्न किया कि यदि जजों के द्वारा जजों की नियुक्ति किया जाना उचित नहीं है तो सरकार द्वारा जजों को नियुक्त करना कहाँ तक उचित है । क्यों कि उच्च न्यायालयों , सुप्रीम कोर्ट व निचली सभी अदालतों में अधिकांश केस सरकार के विरुद्ध होते हैं ।

इसलिए सरकार के विरुद्ध केसों की जांच करने की व्यवस्था स्वयं सरकार द्वारा ही बनाया जाना कहाँ तक उचित है । जबकि न्याय की यह मांग है कि न्यायालय में गए दोनों पक्षों को विश्वास होना चाहिए कि निर्णय करने वाला किसी भी पक्ष का नहीं , बल्कि निष्पक्ष है।

हिमाचल बजट 2023 के लिए दें सुझाव –सुक्खू मुख्यमंत्री



15 फरवरी तक का , ईमेल और पत्र लिखकर बता सकते है लोग

अंशुल शर्मा।ब्यूरो। बिलासपुर q



हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2023-23 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसे देखते हुए सरकार ने प्रदेशवासियों से नए बजट के लिए सुझाव मांग लिए हैं। बेहतर बजट बनाने के मकसद से समाज के विभिन्न वर्गों से सहभागिता तथा विचारों का समावेश किया जाएगा।
सरकार ने आम लोगों, उद्योगों, व्यापारिक तथा कृषक संगठनों से बजट के लिए सुझाव देने का आग्रह किया है।



यह सुझाव 15 फरवरी तक ईमेल के माध्यम से budgetidea.hp@gmail.com अथवा सचिव (वित्त) के कार्यालय के नाम पत्र के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त वित्त विभाग के वेब पोर्टल पर भी सुझाव भेजे जा सकते हैं।



बजट के लिए सुझाव राजस्व प्राप्ति में वृद्धि, व्यय नियंत्रण तथा अन्य सम्बद्ध मामलों पर दिए जा सकते है। इससे बजट निर्माण में पारदर्शिता, खुलापन, प्रतिक्रियात्मक तथा सहभागी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।



बता दें कि हिमाचल पर पहले ही 71 हजार करोड़ का कर्ज हो गया है। प्रदेशवासी इस कर्ज को कम करने, सरकार की फिजूलखर्ची रोकने, आय से साधन बढ़ाने के लिए सुझाव दे सकते हैं।

बढ़ रहे नशे के खिलाफ युवाओं ने निकाली बाइक रैली ,दिया जागरूकता का संदेश




अंशुल शर्मा।ब्यूरो।बिलासपुर

बिलासपुर शहर में बढ़ रहे नशे के प्रचलन के खिलाफ आखिरकार युवा तुर्क जाग ही गया। इसी आशय को लेकर रविवार को नगर के युवाओं ने एकत्रित होकर बाईक रैली का आयोजन किया। इस रैली का मकसद केवल लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना ही नहीं था, बल्कि नशे का धंधा करने वालों को भी प्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी थी।



युवाओं में शामिल आशीेष कंडेरा, शिवा, रितेश कंडेरा, वाहिद मोहम्मद, हर्ष, अंशुल किशोर, गौरव किशोर, राहुल घई, नितीश राणा, कर्ण गौतम, परिक्षित, दिव्यांशु गागट, अनुराग बैंस, नमन कडेरा, श्रवण, विदांश, रोमी शाह, अभिमन्यू, शुभम, अर्चित, ललित, अंशुल, अक्षय आदि ने बताया कि बिलासपुर शहर के अधिकांश वार्डों में नशे का प्रचलन इतना ज्यादा बढ़ गया है कि इसे रोक पाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन यदि इस बारे में समय रहते जागरूक हो जाए तो अंकुश लग सकता है।



उन्होंने कहा कि चिट्टा रूपी राक्षस बिलासपुर के युवाओं की जान समाप्त कर रहा है। कईं घरों के चिराग बुझ चुके हैं और कईयों के बुझने की कगार पर हैं। ऐसे में स्वयं को और आने वाली पीढ़ी को बचाना चुनौती है। उन्होंने कहा कि यह नशा या धंधा भले ही चंद लोग कर रहे हों लेकिन बदनामी हर युवा की हो रही है। यहां तक कि लोग सेक्टर या स्थान का नाम जानने के बाद बात करना भी पसंद नहीं करते।



यह हालात और बिगड़ सकते हैं यदि समय पर अंकुश न लगाया गया। वहीं आशीष कंडेरा ने बताया कि युवाओं को पढ़ाई तथा खेल के मैदान की ओर मोड़ना उनका लक्ष्य है। नशे का समाज से खात्मा हो इसके लिए वे शासन प्रशासन के सहयोग के लिए भी तत्पर है।

शिक्षा व स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: राजेंद्र राणा



विपुल गुप्ता, सुजानपुर, न्यूज हिमाचल 24

शिक्षा व स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व स्वास्थ्य कर नेटवर्क और सुदृढ़ किया जाएगा।

यह बात सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने रविवार को भारतीय विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल पटलांदर व न्यू मॉडल पब्लिक स्कूल कक्कड़ में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही।

उन्होंने दोनों स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कारों से भी नवाजा। दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्य ने स्टाफ इलाके के गणमान्य लोगों के साथ विधायक राजेंद्र राणा का स्वागत किया तथा स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।


विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र को शिक्षा का हब बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां के बच्चों में बहुत टैलेंट है और शिक्षकों को बच्चों के टैलेंट में निरंतर निखार लाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए और उन्हें मंच उपलब्ध करवाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया है । उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लें।
उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले पटलांदर व कक्कड़ स्कूल के बच्चों के लिए 11-11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।


विधायक राजेंद्र राणा ने इस मौके पर लोगों की समस्याएं सुनी और उपस्थित अधिकारियों को इन जन शिकायतों के त्वरित समाधान तथा उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।


उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पूरी मुस्तैदी से अमलीजामा पहनाया जाएगा और विकास कार्यों को तेजी से क्रियान्वित किया जाएगा।

याराना क्लब (रजि)द्वारा लगाया गया आंखों का फ्री कैम्प

जालंधर (पंजाब)

चेहरे की खूबसूरती पर प्यारी-प्यारी आंखें चार चांद लगा देती हैं। किसी की कातिलाना, किसी की नशीली, किसी की बड़ी, तो किसी की क्यूट-सी छोटी आंखें होती हैं। चाहे आंखें जैसी भी हों, लेकिन इनकी अपनी ही एक जुबान होती है।



याराना क्लब (रजि) द्वारा प्रधान संदीप जिंदल की अध्यक्षता में पाल हॉस्पिटल प्रताप बाग जालंधर में सुबह 10.00 बजे से 02.00 बजे तक मेडिकल कैम्प लगाया गया। याराना क्लब(रजि) के महासचिव राजन शर्मा के अनुसार याराना क्लब ने अपने 94वे प्रोजेक्ट में डॉ संदीप पाल बंसल, डॉ सलोनी बंसल तथा टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आये 100 से अधिक मरीज़ों की आंखों की मुफ्त जांच की तथा दवाई आदि दी गई।

इसके अतिरिक्त सभी मरीज़ों का ब्लड प्रेशर चेक उप,शुगर आदि के भी मुफ्त टेस्ट किये गए। इस कैम्प में आम आदमी पार्टी वरिष्ठ नेता श्री अमित ढल्ल तथा श्री बॉबी ढल्ल बतौर मुख्य मेहमान पधारे तथा क्लब के कार्यो की सराहना करते हुए हर तरह से क्लब को सहयोग देने का आश्वासन दिया।

विशेष रूप से पधारे वरिष्ठ बीजेपी नेता सरदार अमरजीत सिंह अमरी ने इस प्रोजेक्ट के सफल आयोयंन की क्लब प्रधान व सदस्यों को बधाई देते हुए उन्हें समाजिक कार्यो में और अग्रसर होने की प्रेरणा दी। प्रधान संदीप जिंदल ने डॉ संदीप पाल बंसल व उनकी पूरी टीम का,तथा आये हुए मेहमानों का धन्यवाद किया।


इस कैम्प में राजन शर्मा, संजय जैन, राजिंदर सिंह पप्पी, वरुण गुप्ता, मुनीश जिंदल, तेजिंदर भगत, राधे शाम सेठ,राजीव वर्मा,शिव अरोड़ा, भरत भल्ला, समीर अग्रवाल, करण जिंदल, राघव जिंदल, सारांश, मन्नत,
सनी, गगन चौधरी, रमन चौधरी,वनिता जिंदल,
शैल्ली गुप्ता, सरोज जिंदल,नंदनी, पार्थ, वृंदा, राशि, मोना अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

श्री माधवाचार्य का तिरोभाव दिवस पर विशेष

जालंधर (पंजाब)

आज एक बहुत ही खास दिन है। यह श्री माधवाचार्य का तिरोभाव दिवस है। उन्हें आनंद तीर्थ और पूर्णप्रज्ञ के नाम से भी जाना जाता था।



जन्म और बचपन की लीलाएं
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बाह्य रूप से माध्वाचार्य 1238 ईस्वी में पाजका-क्षेत्र में उडुपी के पास श्री नारायण भट्ट (मध्यगेह के रूप में भी संदर्भित) और वेदवती के सामने प्रकट हुए। माधवाचार्य का परिवार गरीबी से पीड़ित था और उनसे पहले उनके सभी भाई-बहनों का समय से पहले निधन हो गया था। वेदवती ने दो साल तक केवल दूध पर खुद को बनाए रखने का एक कठोर व्रत रखा, और परिणामस्वरूप उन्हें अपने पुत्र के रूप में माध्वाचार्य का आशीर्वाद मिला।



उनके परिवार के पूजनीय देवता श्री अनंत पद्मनाब थे जिनके हाथ में शंख, चक्र, गदा और कमल था और इसलिए उनके पिता का नाम माध्वाचार्य ‘वासुदेव’ रखा गया। वास्तव में, वह एक शक्तिवेश-अवतार थे, एक ऐसा व्यक्तित्व जिसे भगवान ने एक निश्चित कार्य को पूरा करने के लिए सशक्त किया था। भीम और हनुमान के अवतार होने के नाते, उन्होंने शक्ति और रहस्यमय सिद्धियों के कई करतब दिखाए।



एक बच्चे के रूप में, पास के एक जंगल में खेलते समय, वासुदेव ने अपने बाएं पैर के बड़े पैर के अंगूठे से कुचलकर नाग राक्षस मणिमान को मार डाला। वासुदेव के पिता पर उनके भाई का कुछ कर्ज था। नतीजतन, वासुदेव के चाचा एक दिन अपने पैसे वापस करने की मांग करते हुए आए और धमकी दी कि अगर उनके पिता इसे वापस करने में सक्षम नहीं हुए तो वे आमरण अनशन पर अपना शरीर छोड़ देंगे। कर्ज चुकाने के लिए वासुदेव ने कुछ इमली के बीजों को प्रामाणिक सिक्कों में बदल दिया और अपने चाचा को संबोधित किया, “आप कृपया आवश्यक सिक्के लें और अपना बकाया चुकाएं।”



पांच साल की उम्र में, उन्होंने अपने पिता से घोषणा की, “मैं शंकराचार्य के दर्शन का खंडन करूंगा।” उनके पिता बुजुर्ग थे और चलने की छड़ी ले जाते थे। उन्होंने कहा, “शंकराचार्य स्वयं भगवान शंकर हैं और यदि आप वास्तव में उनके दर्शन का खंडन करते हैं तो मैं जिस छड़ी को पकड़ रहा हूं वह फल देने वाले पेड़ में बदल जाएगी।” तुरन्त ही वासुदेव ने उस डण्डे को यह कहते हुए पृथ्वी में गाड़ दिया, “हे डण्डे! अगर मैं शंकर के दर्शन का खंडन कर सकता हूं, तो तुरंत एक फल देने वाला पेड़ बन जाऊं।” वासुदेव के शब्द सच हो गए क्योंकि छड़ी तुरन्त एक अश्वत्थ वृक्ष (पवित्र अंजीर के पेड़) में बढ़ी और फल लाए। यह देखकर उनके पिता चकित और आश्वस्त हुए कि वास्तव में उनका पुत्र कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं था।



एक बार एक प्रसिद्ध पहलवान ने उन्हें चुनौती दी, इसलिए माधवाचार्य ने दृढ़ता से अपने पैर के अंगूठे को पृथ्वी पर रखा और पहलवान को इसे उठाने की कोशिश करने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन बड़ी ताकत लगाने के बावजूद पहलवान असफल रहे।



उडुपी कृष्ण देवता की खोज
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एक बार माल से लदा एक व्यापारी जहाज फंस गया और चलने में असमर्थ हो गया। माधवाचार्य उस समय पास ही थे, और केवल कुछ इशारों का उपयोग करते हुए, जहाज को सुरक्षित रूप से किनारे पर लाने में सफल रहे। कप्तान ने इस समय पर मदद की बहुत सराहना की और माधवाचार्य को उनके द्वारा ले जाई जाने वाली कीमती वस्तुओं में से कुछ भी देने की पेशकश की। माध्वाचार्य ने नाविक से कहा कि वह गोपी-चंदन में से कुछ लेना चाहेंगे क्योंकि यह उनके और उनके शिष्यों के दैनिक उपयोग की वस्तु थी। कई ब्लॉकों में से, माधवाचार्य ने दो को चुना। कप्तान ने खुशी-खुशी माध्वाचार्य को गोपी-चंदन भेंट किया।



जब वे उन्हें ले जा रहे थे, गोपी-चंदन का एक ब्लॉक टूट गया और गोपाल का एक सुंदर देवता उनके हाथ में मक्खन-मथने की छड़ी लिए हुए दिखाई दिया, जिसे माध्वाचार्य ने श्री उडुपी-क्षेत्र में स्थापित किया था। यह देवता लड्डू गोपाल के रूप में नहीं है।



मंदिर की एक अनूठी विशेषता है। मंदिर का दरवाजा बंद करने से श्री गोपाल को आराम नहीं मिलता (शयन), देवता के कमरे की खिड़की हमेशा खुली रहती है ताकि कोई भी कभी भी भगवान के दर्शन कर सके।



माध्वाचार्य ने आठ मठों की स्थापना की और अपने आठ प्रमुख शिष्यों को उन मठों का प्रभारी आचार्य बनाया। आज, सभी आठ प्रमुख शिष्यों के शिष्य उत्तराधिकार में आचार्य बारी-बारी से एक वर्ष की अवधि के लिए मुख्य मठ, श्री कृष्ण मठ में सेवा करने के लिए जाते हैं। वे आज तक पूजा के बहुत कड़े मानकों का पालन करते हैं। मठ परिसर में एक पवित्र तालाब भी है। किसी को भी अपने हाथ या पैर धोने के लिए तालाब का उपयोग करने की अनुमति नहीं है, क्योंकि पानी का उपयोग भगवान के लिए खाना पकाने के लिए किया जाता है।



एक बार, जब माधवाचार्य [अपने शिष्यों के साथ महाराष्ट्र से गुजरते हुए] तीर्थयात्रा पर थे, एक स्थानीय राजा एक बड़ी झील की खुदाई कर रहे थे। अत्याचारी राजा ने एक नियम बनाया कि जो कोई भी तालाब से मिट्टी निकालने में भाग लेने के लिए पारित हो। हालाँकि, जब माधवाचार्य को इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए सामना करना पड़ा, तो उन्होंने आगे बढ़ने से पहले राजा को पहले अपने शासन के अधीन कर लिया



माघी-शुक्ल-नवमी तिथि को ऐतरेय उपनिषद पर एक टीका लिखते समय, उन्होंने अपना शरीर छोड़ दिया।