एडीएम कांगड़ा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) पालमपुर का किया निरीक्षण,
छात्राओं व शिक्षकों से किया संवाद, 112, 1098 और 1930 टोल फ्री नम्बर पर किया जागरूक
पालमपुर, 19 जून
छात्रों को जीवन के उद्देश्य के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है, क्योंकि इसके चलते ही छात्र अध्ययन के दौरान उस उद्देश्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयत्न शुरू कर देते है। यह विचार अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) कांगड़ा शिल्पी बेक्टा ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) पालमपुर में छात्राओं के साथ संवाद के दौरान व्यक्त किए। इससे पूर्व, उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण किया और स्कूल स्टाफ से संस्थान की विभिन्न गतिविधियों व व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी भी जुटाई।
छात्राओं से बातचीत के दौरान एडीएम ने पाया कि स्कूल की छात्राएं अपने भविष्य, उद्देश्य और करियर को लेकर बेहद सजग व जागरूक हैं, जिस पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्राओं और अध्यापकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में छात्राएं अपने जीवन के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट हैं, जो कि बेहद काबिलेतारीफ है।
संवाद के दौरान शिल्पी बेक्टा ने छात्राओं को सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने आपातकालीन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि 112 नंबर पुलिस सहायता के लिए है। यदि कोई शरारती तत्व छेड़-छाड़ करता है या किसी भी प्रकार की अनैतिक व आपराधिक गतिविधि को अंजाम देता है, तो बिना किसी भय के 112 नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस तरह की समस्याओं को अपने अध्यापकों और अभिभावकों के साथ अवश्य साझा करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डिजिटल सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने बाल सुरक्षा और घरेलू माहौल पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि बच्चों के साथ मारपीट या घर पर कलह आदि के कारण कोई मानसिक या शारीरिक समस्या आती है, तो वे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं, जहाँ उन्हें प्रशासन द्वारा पूरी सहायता प्रदान की जाएगी।
युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने छात्राओं को ‘नशे को ना’ (से नो टू ड्रग्स) का संकल्प दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति नशा करने के लिए दबाव बनाता है, तो उसे अत्यंत स्पष्ट शब्दों में मना करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को सीख दी कि कोई भी व्यक्ति जीवन में क्या बनता है, यह बहुत हद तक उसके परिवेश और संगति पर निर्भर करता है। इसलिए हमेशा ऐसे सकारात्मक छात्र समूहों के साथ रहें, जो जीवन में आगे बढ़ने और करियर बनाने के लिए तत्पर हों।
इसके पश्चात, विद्यालय के शिक्षकों के साथ आयोजित बैठक में एडीएम ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने छात्र-छात्राओं के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली को सराहा। बैठक के अंत में उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को लेकर भी अध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की और उन्हें विद्यार्थियों को इस प्रति निरंतर सचेत करने का आह्वान किया।
इस दौरान तहसीलदार पालमपुर साजन बग्गा, प्राधानाचार्य रितु जम्वाल सहित विद्यालय के विभिन्न अध्यापक मौजूद रहे।
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