नशा मुक्त अभियान में योगदान दें सभी विभाग : गंधर्वा राठौड़

नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों को भी नशे के विरुद्ध किया जाएगा जागरुक

कार्यालयों, संस्थानों व सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश

डीसी ने की कल्याण विभाग की 6 जिला स्तरीय समितियों की बैठकों की अध्यक्षता

हमीरपुर 19 जून। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने शुक्रवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित छह अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की।

नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत 17 से 26 जून तक सभी विभाग जागरुकता गतिविधियां आयोजित करंे तथा इसकी रिपोर्ट जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय को प्रेषित करें। उन्होंने बताया कि नशे के विरुद्ध प्रदेश सरकार भी दो महीने तक विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए पुलिस के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, युवा सेवाएं एवं खेल और अन्य सभी विभागों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहेगी। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक शिक्षण संस्थान में जागरुकता गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक और इन जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में नशे के विषय को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों के लिए कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अभी तक 211 ऐसे दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस तिमाही के दौरान समिति को कोई नया आवेदन नहीं मिला है।

जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों इत्यादि में दिव्यांगों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। मेडिकल कालेज अस्पताल में मेडिकल या अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए भी दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध होने चाहिए।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस वित्त वर्ष में अभी तक जिला में अधिनियम के तहत एक एफआईआर दर्ज हुई है। 7 पुराने मामलों में अभी पुलिस की जांच चल रही है, जबकि 3 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की गई है। 27 अन्य मामले अभी विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। उपायुक्त ने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच और अभियोजन में विलंब नहीं होना चाहिए।

हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के अंतर्गत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों के पास आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा किट होनी चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच होनी चाहिए। उपायुक्त ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा भी की।

उक्त सभी समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में एसपी बलवीर सिंह, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उक्त समितियों के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।


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