महिला उद्यमियों को वित्तीय सशक्तिकरण एवं बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

गोहर में फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन

गोहर, 19 जून।

जिला उद्योग केन्द्र, मंडी द्वारा आज विकास खंड कार्यालय गोहर में महिला उद्यमियों के लिए एक दिवसीय फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एनआईटीकॉन लिमिटेड के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें जिले की लगभग 50 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन उद्योग विभाग की पहल के अंतर्गत किया गया, जिसकी अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी गोहर पवन शर्मा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं ऋण सुविधाओं से संबंधित जानकारी प्रदान करना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से अवगत कराना तथा विपणन एवं व्यवसायिक अवसरों से जोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना था।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, विभिन्न सरकारी सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा डिजिटल एवं ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही महिलाओं को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विपणन प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकें।

कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर चंदर प्रकाश, एनएसआईसी मंडी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया, ग्रामीण विकास विभाग (एनआरएलएम) के मिशन एग्जीक्यूटिव निशांत शर्मा, जिला उद्योग केन्द्र मंडी से राजश्री (रैम्प स्टाफ) तथा एमएमएसवाई योजना की सफल महिला उद्यमी एवं लाभार्थी सुचिका कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

एनएसआईसी, मंडी के चीफ मैनेजर लोकेश भाटिया ने महिलाओं/उद्यमियों को विभिन्न सरकारी सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा डिजिटल एवं ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं के संबंध में व्यवहारिक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, महिलाओं को एमएसएमई, उद्यम रजिस्ट्रेशन, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विपणन प्लेटफॉर्म के बारे में भी जागरूक किया।साथ ही एनएसआईसी के अंतर्गत उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल उन्नयन एवं उद्यमिता विकास के अवसरों की जानकारी दी।

सुचिका कौशल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एमएमएसवाई योजना के अंतर्गत लगभग 18 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर पेपर प्लेट निर्माण इकाई स्थापित की है। इस उद्यम के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार प्राप्त हुआ है तथा अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने महिला उद्यमियों को एनएसआईसी के अंतर्गत उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल उन्नयन तथा उद्यमिता विकास के अवसरों की जानकारी दी। वक्ताओं ने महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट में महिला उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न योजनाओं, वित्तीय अवसरों एवं व्यवसायिक चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिभागियों के उत्साह और सकारात्मक सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

यह कार्यक्रम रैम्प परियोजना के अंतर्गत संचालित “सोशल इंक्लूजन” घटक के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों की वित्तीय पहुंच को सुदृढ़ करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना तथा स्थायी आजीविका एवं बाजार संपर्क सुनिश्चित करना है।


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