तकनीकी शिक्षा मंत्री ने नवगठित कुठेड़ा-मरहाणा ग्राम पंचायत का किया शुभारंभ
लोगों को घर-द्वार पर मिलेगी पंचायत संबंधी सेवाओं की सुविधा, विकास कार्यों को मिलेगी गति
घुमारवीं (बिलासपुर), 18 जून: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नवगठित कुठेड़ा-मरहाणा ग्राम पंचायत के कार्यालय का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर नवगठित ग्राम पंचायत को शुभकामनाएं देते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने ऐसी चार ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन किया है, जो जनसंख्या एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से अत्यंत बड़ी थीं। इनमें कुठेड़ा-मरहाणा, हरितल्यांगर, देहरा-हटवाड़ तथा छंदोह ग्राम पंचायतों का गठन शामिल है। उन्होंने कहा कि इन ग्राम पंचायतों के गठन की मांग काफी समय से लंबित थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरा किया है, ताकि इन क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को गति मिल सके तथा लोगों को घर-द्वार के समीप ही पंचायत संबंधी सेवाओं की सुविधा उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पंचायतों का गठन गैर-राजनीतिक आधार पर किया जाता है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों को आमजन एवं जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने तथा सरकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐसे अनेक पात्र लोग हैं, जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधि पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने तथा जरूरतमंदों की आवाज बनकर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बेहतर शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा नशा उन्मूलन की दिशा में प्रभावी प्रयास करने का भी आह्वान किया।
राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार ने ग्राम पंचायतों को न्यायिक शक्तियां भी प्रदान की हैं। इन शक्तियों का उपयोग करते हुए ग्रामीण स्तर पर ही लोगों के छोटे-मोटे मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे न केवल लोगों को घर-द्वार पर न्याय मिलेगा, बल्कि उन्हें न्यायालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी तथा समय एवं धन दोनों की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिम परिवार योजना के तहत प्रदेश के 1.20 लाख ऐसे पात्र परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिन्हें सरकारी सहायता की सर्वाधिक आवश्यकता है। इन परिवारों को 1,500 रुपये की मासिक आर्थिक मदद के साथ-साथ 300 यूनिट निःशुल्क बिजली की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश के सबसे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य तथा परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक ठोस कदम उठाए हैं। इनके परिणामस्वरूप प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर 21वें स्थान से उभरकर तीसरे स्थान पर पहुंचा है। ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 150 से अधिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम आरंभ किया गया है। इनमें घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के घुमारवीं, हटवाड़, भराड़ी तथा कपाहड़ा विद्यालय भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आने वाले समय में औहर तथा डंगार विद्यालयों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को आदर्श संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। इसी प्रकार अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी चिकित्सकों एवं अन्य आवश्यक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा गया है। भराड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑटो एनालाइजर तथा रंगीन एक्स-रे मशीन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बम्म में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र का कार्य प्रगति पर है, जबकि करयालग में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त घुमारवीं के लिए 33 केवी विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत हो चुका है, जिससे क्षेत्र की विद्युत संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं करता है, तो वे इस संबंध में 1100 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि आमजन को पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ सभी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान की मांग पर गांव के विभिन्न संपर्क मार्गों के लिए 10-10 लाख रुपये तथा दो शेडों के निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त नवगठित पंचायत के लिए 10 कुर्सियां तथा दो पंखे भी स्वीकृत किए।
इससे पूर्व उन्होंने स्थानीय शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इससे पहले नवगठित ग्राम पंचायत कुठेड़ा-मरहाणा की प्रधान नीलम शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पंचायत गठन के लिए समस्त पंचायतवासियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने पंचायत की विभिन्न विकासात्मक आवश्यकताओं से संबंधित मांगपत्र भी प्रस्तुत किया।
इस दौरान विभिन्न महिला मंडलों तथा स्थानीय स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, खंड विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा, नायब तहसीलदार भराड़ी प्यारे लाल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह, पंचायत प्रधान नीलम शर्मा, ब्लॉक समिति सदस्य नीलम ठाकुर एवं उषा ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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