जिला शिमला की 441 पंचायतों में चिट्टे के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान – अनुपम कश्यप

हर पंचायत और हर गांव तक पहुंचेगा नशा मुक्ति का संदेश

मिशन मोड में चलेगा अभियान, जन प्रतिनिधियों की होगी अहम भूमिका

जिला शिमला में नशे, विशेषकर चिट्टे (हेरोइन) के बढ़ते खतरे के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान जिला की सभी 441 पंचायतों में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक पंचायत और गांव स्तर तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान में पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह, शिक्षण संस्थान तथा विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

यह जानकारी उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक के दौरान। दी

उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जिला प्रशासन ने मिशन मोड में लिया है। उन्होंने कहा कि चिट्टा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती है, जिसके समाधान के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करवाया जाएगा तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग जन प्रतिनिधियों के सहयोग से गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक, आर्थिक तथा स्वास्थ्य संबंधी परिणामों के बारे में जागरूक करेंगे। अभियान के दौरान शपथ ग्रहण कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां, खेल प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस “जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट ड्रग्स” अभियान से नशा मुक्त शिमला बनाने में कर प्रयास

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट ड्रग्स’ नीति के अनुरूप जिला शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया है।

वर्ष 2026 के दौरान जिला शिमला पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 159 मामले दर्ज किए गए तथा 337 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से 50 प्रमुख नशा तस्करों एवं सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त गहन जांच के माध्यम से 38 अंतर-राज्यीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया।

पुलिस द्वारा इस अवधि के दौरान 2.275 किलोग्राम हेरोइन (चिट्टा), 14.633 किलोग्राम चरस, 12.432 किलोग्राम अफीम, 483 ग्राम पोस्त भूसी, 7,533 अफीम के पौधे, 275 नशीली गोलियां, 58.54 ग्राम मेथामफेटामाइन (क्रिस्टल मेथ) तथा 11.570 ग्राम एलएसडी बरामद की गई। इसके अतिरिक्त मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 14.21 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।

अवैध संपतिया हो रही जब्त

गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर प्रहार करने के लिए वित्तीय जांच को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में 1.13 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है, जिससे नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिला पुलिस शिमला द्वारा पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम (PITNDPS Act) के तहत भी प्रभावी कार्रवाई करते हुए 42 आरोपियों एवं आदतन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर तीन माह की निरोधात्मक हिरासत (जेल) में भेजा गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 441 पंचायतों में चलाया जाने वाला यह विशेष अभियान युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने तथा जिला शिमला को नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इस दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर, डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा, डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


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