हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन, प्रतिषेध एवं उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संबंधित प्रावधानों की समीक्षा के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त शिमला सचिन शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिनियम के तहत जिला में किए जा रहे कार्यों, सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई से जुड़े सुरक्षा मानकों तथा हाथ से मैला उठाने की प्रथा के पूर्ण उन्मूलन के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों को निर्देश दिए कि अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर हाथ से मैला उठाने जैसी अमानवीय प्रथा को बढ़ावा न मिलने पाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे कर्मियों को सम्मानजनक जीवन एवं वैकल्पिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुनर्वास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र व्यक्तियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से प्रदान किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवर एवं सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान मशीनों एवं सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए तथा श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया ताकि समाज में इस कुप्रथा के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके।
जिला में अभी तक 22 जन-जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया है। इसके अलावा सभी उपमंडल स्तर पर सतर्कता एवं प्रबोधन समिति का गठन किया जा चुका है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अधिनियम के तहत की जा रही गतिविधियों एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
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