जिला स्तरीय समिति की बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण एवं विकास योजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आज यहां बचत भवन में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने की। बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जिला शिमला में कुल 2154 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 231 केंद्र अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। इनमें 207 केंद्रों में अल्पसंख्यक समुदाय की जनसंख्या 25 प्रतिशत से कम तथा 24 केंद्रों में 25 प्रतिशत से अधिक है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला में 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा 7 आंगनबाड़ी सहायिकाएं अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि अल्पसंख्यक समुदाय के 475 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं, जिनमें से 379 बच्चों को विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत लाभ प्रदान किया जा रहा है तथा 96 बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा दी जा रही है। 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 445 बच्चों का वजन एवं लंबाई मापी गई, जिनमें 432 बच्चे सामान्य पाए गए जबकि 13 बच्चे मध्यम रूप से कुपोषित पाए गए। इसके अतिरिक्त 95 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी विभागीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रही हैं।

विद्यालयी शिक्षा की समीक्षा के दौरान बताया गया कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आवासीय सुविधा सहित शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। वर्तमान में शिक्षा खंड छौहारा के अंतर्गत आंधा स्थित विद्यालय में 100 छात्राएं अध्ययनरत हैं और वह शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली में 10 विद्यार्थियों को उर्दू विषय की शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन, पाठ्य-पुस्तकें तथा वर्दी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

बैठक में मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण की भी समीक्षा की गई। जिला में संचालित इस्लामिया मदरसा कासिमुल उलूम कुफार तथा मदरसा इस्लाहुल फिक्र मस्जिद बालूगंज में विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ नियमित विद्यालयी शिक्षा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

जिला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अल्पसंख्यक समुदाय के 391 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से 73 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है। वहीं प्राथमिक शिक्षा स्तर पर विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को प्रदान किया जा रहा है। मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों हेतु शैक्षणिक आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए अनुदान उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।

आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि मनरेगा के तहत वर्ष 2025-26 में जिला शिमला में 280 परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इसी प्रकार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से 6 परिवारों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगति नगर, राजकीय फार्मेसी कॉलेज रोहड़ू तथा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वहीं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) शिमला में भी अल्पसंख्यक समुदाय के 8 प्रशिक्षु विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित ऋण योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि टर्म लोन योजना के तहत 3750 लाभार्थियों को 115.63 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 में 153 लाभार्थियों को 9.38 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत भी पात्र विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

ग्रामीण आवास योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में जिला के 10 लाभार्थियों को 5.93 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

नगर निगम शिमला द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की मलिन बस्तियों में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बंगाला कॉलोनी टूटू, ईदगाह कॉलोनी, कुष्ठ रोगी कॉलोनी डाउनडेल फेज-1 तथा बंगाला कॉलोनी संजौली में विभिन्न विकासात्मक कार्यों पर 1 जनवरी 2023 से 30 जून 2026 तक लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इन क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान तथा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण और विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों का समावेशी विकास सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में एएसपी मेहर पंवर, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पॉल सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।


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