शिक्षण संस्थानों के आस-पास संदिग्ध गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर

नशे को रोकने के लिए नियमित रूप से करें छापेमारी: गंधर्वा राठौड़

हमीरपुर 29 अप्रैल। नशे की समस्या से निपटने के लिए गठित जिला स्तरीय नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक बुधवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला में नशे की समस्या और इसे रोकने के उपायों पर व्यापक चर्चा की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन एवं तस्करी एक बहुत ही गंभीर समस्या है और विशेषकर, युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए सभी के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे जिला में सभी संदिग्ध स्थानों और शिक्षण संस्थानों के आस-पास के क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखें। शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षण संस्थानों के प्रमुख भी अपने-अपने परिसरों के आस-पास कड़ी नजर रखें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। शिक्षण संस्थानों के हॉस्टलों, नशे के संभावित हॉट स्पॉट्स सुनसान स्थानों और केमिस्ट की दुकानों का भी नियमित रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि नशीले पदार्थों के सेवन एवं तस्करी में संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में संचालित किए जा रहे नशा उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों का भी प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि किन्हीं कारणों से नशे के जाल में फंस चुके युवाओं का समय पर उपचार किया जा सके।

इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार और सेवन में संलिप्त लोगों की सूचना टॉल फ्री नंबर 112 पर या ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ ऐप पर दी जा सकती है। इन पर सूचना देने वाले लोगों के नाम पूरी तरह गुप्त रखे जाते हैं। उन्होंने जिला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। बैठक में एनकॉर्ड से संबंधित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।


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