मंडी, 16 जून। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां अपना पुस्तकालय अभियान की समीक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि अपना पुस्तकालय अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों एवं युवाओं को उपयोगी पाठ्य सामग्री एक छत के नीचे उपलब्ध करवाना है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में उन्हें मदद मिल सके। साथ ही इससे युवाओं में पढ़ने की आदत भी विकसित की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा विभाग सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला में खाली पड़े ऐसे सरकारी भवनों की पहचान करें, ताकि इनमें अध्ययन कक्ष स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों में पंचायतों के माध्यम से रीडिंग रूम या पुस्तकालयों का संचालन किया जा सकता है।
उपायुक्त ने सभी एमडीएम को भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र की परिधि में प्रत्येक शिक्षा खंड की पांच-पांच प्राथमिक/माध्यमिक पाठशालाओं में एक लाईब्रेरी कक्ष पंचायत घर के नजदीक चिन्हित करने को कहा है। इन लाईब्रेरी कक्ष को संबंधित पंचायतों को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायतों के माध्यम से इन अध्ययन कक्षों में विद्युत आपूर्ति व सीसीटीवी आदि की व्यवस्था करने कार्य किया जाएगा, ताकि अध्ययनरत विद्यार्थियों को पठन-पाठन में सुविधा मिल सके।
अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी जिला में अपना पुस्तकालय अभियान के तहत दूरदराज क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। लगभग प्रत्येक उपमंडल में इस तरह के पुस्तकालय स्थापित होने से विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर पठन सामग्री की उपलब्धता घर के समीप ही सुनिश्चित हुई है। इसके अतिरिक्त अन्य व्यक्ति भी यहां उपलब्ध पठन सामग्री का लाभ उठा सकते हैं।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, उप निदेशक (उच्च शिक्षा) यशवीर, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, जिला विकास अधिकारी गोपीचंद पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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