कुल्लू, 23 जून: उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में ‘एड्स सुरक्षा हेतु जन-सक्रियता अभियान’ (एमएएस) एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) द्वारा निर्धारित 95:95:99 लक्ष्यों तथा एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी के मां से शिशु में संक्रमण की रोकथाम (त्रिस्तरीय संक्रमण उन्मूलन) की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 दिसंबर, 2026 तक जिले में 95:95:99 के लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि नाको द्वारा इसे चार श्रेणियों ‘सुरक्षित प्लस’, ‘सुरक्षित’, ‘सक्षम’ और ‘संघर्षशील’ में वर्गीकृत किया गया है। अप्रैल 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल्लू जिला वर्तमान में ‘संघर्षशील’ श्रेणी में है। उपायुक्त ने कहा कि जिले को ‘सुरक्षित’ तथा आगे चलकर ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करना होगा।
उन्होंने प्रसव पूर्व देखभाल के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मां से शिशु में संक्रमण के मामलों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि एड्स की रोकथाम, जांच, उपचार एवं देखभाल से संबंधित सेवाओं को जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित संस्थाएं आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंच सके।
उपायुक्त ने नाको के निर्देशानुसार प्रत्येक माह नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा कार्यक्रम की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
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