झंडूता, 17 जून। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झंडूता में नशा निवारण विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकासखंड अधिकारी झंडूता संजीव पुरी ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने मित्रों व साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रोमिला बसु तथा हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति के सह सचिव मानसा राम ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत ने बताया कि जिला बिलासपुर में 17 जून से 26 जून तक “नशा मुक्त भारत अभियान : विकसित भारत की पहचान” विषय पर विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों में नशे के विरुद्ध सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य जरनैल सिंह, ग्राम पंचायत बेहना ब्राह्मणा की प्रधान सपना, उपप्रधान राज कुमार, ग्राम पंचायत रोहल के उप प्रधान राज कुमार, ग्राम पंचायत सचिव रमेश चंद सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
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