एससीडीपी घटक बजट के प्रभावी उपयोग एवं शिकायत निवारण पर दिया जा रहा विशेष बल: कुलदीप कुमार धीमान
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने एससी समुदाय से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया जागरूकता शिविर
बिलासपुर, 17 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने आज बचत भवन, बिलासपुर में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ बैठक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।
शिविर को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा तथा उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) घटक के बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित आयोग का जागरूकता शिविर आयोजित करने प्रमुख उद्देश्य जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना है तो वहीं संवैधानिक प्रावधानों बारे भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी विशेष बल एससी आयोग के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुनना तथा समुदाय को जागरूक करना भी है। उन्होंने एससी समुदाय के उत्थान व कल्याण के लिए कार्य कर रही सभी संस्थाओं से एक होकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि अनुसूचित जाति आयोग के उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग से बहुत कम लोग आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्णय लिया है कि जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों से एक दिन पूर्व संबंधित समुदाय की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है, ताकि समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासनिक एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में ठोस निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एससी वर्ग की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आयोग का लक्ष्य जिला स्तर पर अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनसे फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाना है, ताकि समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किए जा रहे हैं और आयोग के गठन के एक वर्ष से अधिक समय में पीड़ित वर्ग तक पहुंचकर संवाद स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्त एवं चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई तथा सभी से नशामुक्त समाज निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आहवान किया।
बैठक के दौरान एससी समुदाय से जुडी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, एससी समुदाय से जुड़ी आंगनवाड़ी व आशा वर्कर प्रतिनिधियों, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, शहरी विकास एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित अनेक मुद्दों एवं समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा, जिन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, रीता सहगल, आयोग के सदस्य सचिव विनय मोदी, सहायक आयुक्त राजकुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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