मंडी,
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के निर्देशानुसार विकास खंड सदर के ज्वालापुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जिला उद्यान विभाग मंडी की ओर से एक विशेष निरीक्षण एवं बैठकों का आयोजन किया गया। उपनिदेशक उद्यान डॉ. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान आपदा से प्रभावित बागवानों की समस्याओं तथा सेब एवं अन्य फल फसल को बाजार तक पहुंचाने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन, उद्यान विभाग एवं एचपीएमसी के बीच आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया कि ज्वालापुर क्षेत्र के प्रभावित बागवानों की सुविधा के लिए चंबाधार में एक अस्थायी प्रापण (प्रोक्योरमेंट) केंद्र स्थापित किया जाएगा। एचपीएमसी की ओर से आश्वस्त किया गया कि यह केंद्र आगामी दो कार्य दिवसों के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से बागवानों को सेब फसल की ढुलाई एवं परिवहन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी तथा उनकी उपज समय पर विपणन केंद्रों तक पहुंच सकेगी।

बैठक में उपस्थित बागवानों ने सहमति व्यक्त की कि लगभग 300–500 मीट्रिक टन सेब की उपज एचपीएमसी प्रापण केंद्र को उपलब्ध करवाई जाएगी। बैठक में बताया गया कि उद्यान विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित बागवानों के लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक हुए नुकसान का आकलन शीघ्र ही पूर्ण कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जा रही है, ताकि राहत एवं मुआवजा प्रदान करने की कार्रवाई तत्काल की जा सके।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन एवं अतिरिक्त उपायुक्त गुरुसिमर सिंह इस समस्त प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। उद्यान विभाग, एचपीएमसी एवं प्रशासन के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी बागवान को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान न हो और सभी को शीघ्र राहत मिल सके।

इस बैठक में उद्यान विकास अधिकारी सदर डॉ. शिक्षा, एचपीएमसी क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार, तहसीलदार औट रमेश, उद्यान प्रसार अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय बागवान उपस्थित रहे।
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