नादौन 23 अप्रैल। बाल विकास परियोजना नादौन के तत्वावधान में ग्राम पंचायत झलाण के आंगनवाड़ी केंद्र झलाण में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत एक शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी नादौन संजय गर्ग, उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन, स्थानीय महिला मंडल की सदस्यों, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों, कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। शिविर में लोगों को पोषण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे बाजार के खाद्य पदार्थों के बजाय घर में बनाए हुए पौष्टिक आहार, मौसमी फल व सब्जियों का अधिक उपयोग करें ताकि कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटा जा सके। बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय गर्ग ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी के पहले 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि, इन्हीं दिनों के दौरान ही बच्चे के मस्तिष्क का अधिकतम विकास होता है। अतः मां को गर्भावस्था से ही पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना आवश्यक है।
इस अवसर पर उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य तथा खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें समय पर अपना टीकाकरण करवाना चाहिए और आयरन फोलिक एसिड की गोलियां लेनी चाहिए ताकि वे अनिमिया से स्वयं भी बची रहें तथा गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ रहे।
कार्यक्रम में छह माह के एक शिशु का अनप्राशन तथा एक गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म भी की गई। आंगनवाड़ी केंद्र के शिशुओं ईशा, प्रियांश और आरव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आंगनवाड़ी वृत्त सेरा और गौना की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व स्थानीय महिलाओं ने मोटे अनाजों के व्यंजनों की प्रर्दशनी भी लगाई।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.