85 लोगों ने लिया भाग, उपचार प्राप्त लाभार्थियों द्वारा निर्मित उत्पाद भी वितरित किए गए
कुल्लू, 25 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संचालित इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (आईआरसीए-मेल), मोहल द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मोहल में “मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध विशेष जागरूकता एवं संवेदनशीलता शिविर” का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में जिला कल्याण अधिकारी कुल्लू गिरधारी लाल शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं रहती बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने सभी नागरिकों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू के अधिवक्ता डी.आर. भारद्वाज ने नशीले पदार्थों से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी। वहीं पुलिस थाना भुंतर के एएसआई डोला राम ने नशे के विरुद्ध पुलिस विभाग की कार्रवाई और जनसहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।
एटीएफ भुंतर के मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता आकाश ठाकुर ने नशा प्रभावित व्यक्तियों के उपचार, परामर्श, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार और परिवार के सहयोग से नशा प्रभावित व्यक्ति सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।
पीपल फॉर हिमालयन डेवलपमेंट (पीएचडी) की प्रतिनिधि ललिता वाल्डिया ने युवाओं को नशे से दूर रखने तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.