एससी-एसटी एक्ट के मामलों का दें पूर्ण ब्यौरा : कुलदीप कुमार

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश

एससी बस्तियों के जातिसूचक नामों का न हो प्रयोग, रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश

एससीडीपी के बजट का सदुपयोग करें, सड़क से महरूम एससी बस्तियों की सूचना दें

हमीरपुर 24 जून। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, आयोग के अन्य सदस्यों विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा और शालिनी जमवाल ने बुधवार को जिला हमीरपुर के तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन यहां हमीर भवन में जिला के अधिकारियों के साथ बैठक करके एससी वर्ग के अधिकारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और इस वर्ग से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

कुलदीप कुमार ने पुलिस, अभियोजन विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को जिला में गत तीन वर्षों के दौरान एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का विस्तृत ब्यौरा एक सप्ताह में प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के सभी प्रावधानों की अक्षरशः अनुपालना होनी चाहिए, ताकि एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा हो सके।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में लगभग 26 प्रतिशत आबादी एससी वर्ग की है और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के तहत 25 प्रतिशत बजट आवंटित किया जाता है। इस धनराशि का सदुपयोग किया जाना चाहिए। अध्यक्ष ने सभी विभागों से गत तीन वर्षों के खर्च की रिपोर्ट ली और सड़क से वंचित एससी बस्तियों का ब्यौरा प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में एससी बस्तियों के नाम जातिसूचक नहीं होने चाहिए। अगर सरकारी रिकॉर्ड में जातिसूचक नाम हैं तो ऐसे नाम हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें।

उन्होंने एससी वर्ग से संबंधित आवास योजनाओं, आदर्श ग्राम योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य विभागों की सब्सिडी योजनाओं की समीक्षा भी की। कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और जब भी इसकी ओर से कोई रिपोर्ट तलब की जाती है या निर्देश दिए जाते हैं तो उन पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

इससे पहले, आयोग के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि जिला में आयोग की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए कृतसंकल्प है आयोग

जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुलदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश में एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग सदैव कृतसंकल्प है। आयोग अभी तक 8 जिलों का दौरा कर चुका है।

उन्होंने बताया कि रोहड़ू में एक किशोर की आत्महत्या और कुल्लू जिला के सैंज में एक महिला की हत्या जैसे बेहद संवेदनशील मामलों का आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाई है।

जिला हमीरपुर की चर्चा करते हुए कुलदीप कुमार ने बताया कि तीन दिन के प्रवास के दौरान आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, शहरी निकायों तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के अलावा फील्ड में जाकर इस वर्ग के आम लोगों से भी संवाद किया और इसके बाद जिला के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने बताया कि फील्ड में दौरे के दौरान आयोग के समक्ष कई ऐसे छोटे-छोटे मामले आए हैं, जिनका निपटारा स्थानीय स्तर पर हो सकता था। ऐसे मामलों को निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आगे आना चाहिए।

कुलदीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एससी वर्ग के कल्याण और उत्थान तथा इनके अधिकारों की रक्षा के प्रति बहुत ही संवेदनशील हैं। इसलिए, उन्होंने आयोग के गठन के साथ-साथ कई कल्याणकारी योजनाएं भी आरंभ की हैं।


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