टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला में उच्च जोखिम वाले गांवों एवं वार्डों में चलाया जा रहा विशेष स्क्रीनिंग अभियान: एसी

वर्ष 2026 में मई माह तक 386 टीबी रोगियों की गई पहचान

ऊना, 24 जून – क्षेत्रीय अस्पताल के सभागार में आज बुधवार को जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति, जिला टीबी फोरम, जिला को-मॉर्बिडिटी समिति तथा टीबी डेथ ऑडिट रिव्यू समिति की संयुक्त बैठक का आयोजन सहायक आयुक्त विनय मोदी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में चलाई जा रही गतिविधियों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के दौरान जनवरी से मई माह तक जिला ऊना में 386 टीबी रोगियों की पहचान की जा चुकी है। टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत उच्च जोखिम वाले गांवों एवं वार्डों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें एक्स-रे एवं आधुनिक नैट जांच तकनीकों के माध्यम से रोगियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने जिला ऊना द्वारा टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों की भी सराहना की गई। उन्होंने निक्षय मित्र पहल, टीबी रोगियों को पोषण सहायता, विभेदित टीबी देखभाल, सह-रुग्णताओं के प्रभावी प्रबंधन तथा टीबी मुक्त पंचायत अभियान की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से नहीं बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से ही प्राप्त किया जा सकता है।

बैठक में वर्ष 2026 में दर्ज टीबी मृत्यु मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश मृत्यु मामलों में रोग की देर से पहचान, गंभीर सह-रुग्णताएं, वृद्धावस्था, मधुमेह, हृदय रोग तथा उपचार में विलंब प्रमुख कारण रहे। बैठक में उच्च जोखिम वाले रोगियों की नियमित निगरानी, शीघ्र निदान, समयबद्ध रेफरल तथा परिवार स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया ताकि टीबी से होने वाली मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके।

डब्ल्यूएचओ सलाहकार डॉ. निकेत कुमार द्वारा जिले में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में सक्रिय केस खोज, संवेदनशील आबादी की स्क्रीनिंग, टीबी निवारक उपचार, निक्षय मित्र पहल, पोषण सहायता तथा टीबी मृत्यु दर में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की गई।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव कुमार वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर, जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार, जिला टीबी-एचआईवी समन्वयक गुलशन कुमार, वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक संदीप धीर सहित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्य अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, हितधारक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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