बिलासपुर, 24 जून: उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में आज पुलिस विभाग द्वारा जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है तथा जिला प्रशासन भी नशा तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर समन्वित एवं सख्त कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार बहुआयामी रणनीति के तहत प्रभावी कदम उठा रही है।
उपायुक्त ने सभी विभागों को नशा विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि ‘अपना विद्यालय कार्यक्रम’ के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं में जागरूकता पैदा कर ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
राहुल कुमार ने कहा कि चिट्टा तस्करी की कमर तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए हैं, जिनके तहत आरोपियों को बिना जमानत छह माह तक हिरासत में रखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष एंटी-ड्रग कानून भी लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी अथवा अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में विभिन्न विभागों के 9 कर्मचारी इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है तथा इसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी भेजी जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला के स्वारघाट क्षेत्र में 15 बिस्तरों वाले नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र नशीले पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा, जिससे वह समाज की मुख्यधारा में पुनः सम्मान पूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने कहा कि चिट्टा तथा अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला पुलिस द्वारा निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला पुलिस के अधिकारी स्वयं शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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