कुल्लू, 25 जून। भारत निर्वाचन आयोग के सचिव सुमन कुमार दास ने बुधवार को कुल्लू में निर्वाचन अधिकारियों की बैठक लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) तथा चुनाव संबंधी अन्य आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों मनाली, कुल्लू, बंजार और आनी की फोटो मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रगति एवं चुनाव सम्बोधित अन्य तैयारियों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, तहसीलदार अनिल कुमार, तहसीलदार निर्वाचन वीना देवी, नायब तहसीलदार निर्वाचन ज्वाला प्रसाद सहित सभी बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहे।
सुमन कुमार दास ने सभी निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी आवश्यक आंकड़ों एवं तैयारियों को अद्यतन रखें ताकि जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से उन शहरी एवं दूरदराज क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, जहां मतदाता मैपिंग 80 प्रतिशत से कम है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अनुपस्थित, स्थानांतरित तथा बाहरी राज्यों एवं देशों से आकर रह रहे मतदाताओं के कारण मैपिंग प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है, जिसे सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला कुल्लू के चारों विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 92.29 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। शेष 7.70 प्रतिशत अनमैप्ड मतदाताओं को शीघ्र कवर करने के निर्देश दिए गए। विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता मैपिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि युक्तिकरण प्रस्ताव के तहत जिले में मतदान केंद्रों की संख्या 575 से बढ़ाकर 582 किए जाने का प्रस्ताव है तथा सात नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में यह भी अवगत करवाया गया कि जिला एवं उपमंडल स्तर पर निर्वाचन अधिकारियों, सहायक निर्वाचन अधिकारियों तथा बूथ स्तरीय अधिकारियों को मार्च और अप्रैल 2026 में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा होते ही दूसरे चरण का प्रशिक्षण आरंभ कर दिया जाएगा।
नए मतदाता पंजीकरण, विलोपन तथा संशोधन के लिए प्राप्त फॉर्म-6, 7 एवं 8 की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में कुल 34,422 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 34,297 का निपटारा किया जा चुका है। लंबित मामलों की दर मात्र 0.36 प्रतिशत है, जो निर्वाचन कार्यों के प्रभावी निष्पादन को दर्शाती है।
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