धर्मशाला,11 जून 2026
जाईका इंडिया मिशन ने कांगड़ा और पालमपुर क्षेत्र के भ्रमण के बाद धर्मशाला स्थित होटल धौलाधार हाइट्स में आयोजित समापन बैठक में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी फेज-II) की प्रगति और उपलब्धियों की सराहना की।
बैठक में परियोजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण, कृषि उद्यमिता और मूल्य संवर्धन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि एचपीसीडीपी (फेज-II) किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर बाजारोन्मुख एवं उच्च मूल्य वाली कृषि गतिविधियों से जोड़ने का कार्य कर रही है। किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने और कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में कई अभिनव पहलें सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं।
इस अवसर पर जाईका इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि श्री ताकेउची ताकुरो ने परियोजना के नवाचारों और किसानों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में माचा (Matcha) चाय के उत्पादन और प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अनुकूल जलवायु, समृद्ध चाय परंपरा और अनुसंधान संस्थानों का सहयोग इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में माचा चाय की बढ़ती मांग किसानों और उद्यमियों के लिए उच्च आय का नया अवसर बन सकती है। यदि चाय उत्पादक, सहकारी संस्थाएं, अनुसंधान संस्थान और निजी उद्यम मिलकर कार्य करें तो कांगड़ा चाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।
बैठक में जाईका मिशन के सदस्यों, परियोजना अधिकारियों और अन्य हितधारकों ने भाग लेते हुए हिमाचल में चाय क्षेत्र, विशेषकर माचा चाय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भावी रणनीतियों और कार्ययोजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
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