60 दिनों में कोई परिजन या रिश्तेदार नहीं आए तो गोद लेने के लिए कानूनी रूप से कर दिए जाएंगे स्वतंत्र
हमीरपुर 11 जून। बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि जिला ऊना में एक महिला द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के कारण बेसहारा हुए उसके दो छोटे-छोटे बच्चों को फिलहाल बाल आश्रम सुजानपुर में रखा गया है। अगर 60 दिनों के भीतर उनका कोई भी परिजन, अभिभावक या रिश्तेदार इन्हें लेने के लिए सामने नहीं आता है तो इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई इन दोनों बच्चों को गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र कर देगी।
कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि 9 जून को जिला बाल कल्याण समिति ऊना ने दो बच्चों युवराज (उम्र 9 वर्ष) और साहिल (उम्र 7 वर्ष) को बाल आश्रम सुजानपुर को सौंपा था। एफआईआर के अनुसार इन दोनों बच्चों की मां बबली ने आत्महत्या कर ली है। इनके स्वर्गीय पिता का नाम रविंदर कुमार और सौतेले पिता का नाम प्रवीण कुमार है।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार बबली और प्रवीण कुमार लगभग 15 दिन पहले काम की तलाश में जिला ऊना के गांव झलेड़ा वार्ड नंबर-4 डाकघर रैंसरी में आए थे। दोनों बच्चों के आधार कार्ड के अनुसार इनका मूल निवास स्थान ग्राम धार खुर्द, डाकघर एवं तहसील धार कलां, जिला पठानकोट पंजाब-145001 है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि इन बच्चों का कोई परिजन या रिश्तेदार अगर इन्हें अपने साथ ले जाना चाहता है तो वह सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित बाल आश्रम सुजानपुर मंे संपर्क कर सकता है। बाल आश्रम सुजानपुर के दूरभाष नंबर 01972-272182 या जिला बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर के दूरभाष नंबर 01972-223344 पर भी संपर्क किया जा सकता है। 60 दिन की अवधि के दौरान अगर इन बच्चों का कोई भी परिजन या रिश्तेदार सामने नहीं आता है तो जिला बाल संरक्षण इकाई इन्हें कानूनी रूप से स्वतंत्र कर देगी, ताकि इन्हें गोद लिया जा सके।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.