बिलासपुर, 11 जून: वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बिलासपुर, वर्षा चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर परिषद बिलासपुर द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 के अंतर्गत आगामी 30 जून तक लोक कल्याण मेले का आयोजन किया जा रहा है। ये मेले नगर परिषद टाउन हॉल तथा विभिन्न बैंकों में आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य शहरी पथ विक्रेताओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना तथा उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।
उन्होंने उपस्थित पथ विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लाभार्थी अपनी ऋण राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि वे योजना के अंतर्गत अगले चरण के ऋण का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 30 जून तक जारी रहेगा तथा पात्र लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे रेहड़ी-फड़ी एवं पथ विक्रेताओं के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने पथ विक्रेताओं को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में डी.एन.यू.एल.एम. प्रबंधक वंदना लखनपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण राशि की सीमा क्रमशः 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये निर्धारित है। समय पर ऋण अदायगी करने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान (सब्सिडी) का लाभ प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति माह 100 रुपये तथा प्रतिवर्ष 1,200 रुपये तक कैशबैक की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि डिजिटल रुपे क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खुदरा एवं थोक लेन-देन करने पर लाभार्थियों को 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ मिल सकता है।
डी.एन.यू.एल.एम. प्रबंधक मुनीष ठाकुर ने बताया कि ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के अंतर्गत पथ विक्रेताओं एवं उनके परिवारों को आठ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। वहीं, सी.ओ. सुनीला कुमारी ने बताया कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेन-देन, एफ.एस.एस.ए.आई. मानकों तथा ई-श्रम संबंधी जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अब तक योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपये के 252, 15 हजार रुपये के 11, 20 हजार रुपये के 134, 25 हजार रुपये के 19 तथा 50 हजार रुपये के 84 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त दो लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि पात्र पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
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