तकनीकी शिक्षा मंत्री ने डंगार स्कूल के विद्यार्थियों के साथ किया संवाद

गुणात्मक स्कूल शिक्षा के लिए सरकार ने उठाए हैं अनेक ऐतिहासिक कदम

स्कूली बच्चों ने पूछे सवाल, मंत्री ने बच्चों को आगे बढ़ने को किया प्रेरित

घुमारवीं (बिलासपुर) 11 जून: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वे स्वयं को कर्मशील बनाएं तथा जीवन का कोई भी लक्ष्य केवल कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता और संघर्ष के बिना जीवन में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की जा सकती।

उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देने पर जोर दिया। इनमें लक्ष्य की स्पष्टता, आत्मविश्वास तथा निरंतरता शामिल हैं। विद्यार्थी इन तीनों सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाते हैं तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने रुचि क्षेत्रों की पहचान कर उसी दिशा में लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए अपने कार्यकाल के दौरान अनेक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में 21वें स्थान पर था, जो अब बेहतर होकर छठे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 150 से अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा है, जिनमें घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के चार विद्यालय भी शामिल हैं। सीबीएसई पाठयक्रम शुरू करने का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिक मूल्यों एवं आदर्शों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आज के विद्यार्थियों के हाथों में है और उन्हें ऐसे नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए जो समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श स्थापित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), स्काउट्स एंड गाइड्स भारत तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण एवं व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित करना है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान जमा दो की छात्राओं रितिका शर्मा, कनिक्शा एवं मोनिका शर्मा तथा जमा एक के छात्र अनिरुद्ध शर्मा ने मंत्री से उनके जीवन की प्रेरणा और सफलता के अनुभवों से जुड़े प्रश्न पूछे। इस अवसर पर एक छात्रा ने विद्यालय में अंग्रेजी विषय के अध्यापक की कमी का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि विद्यालय में शीघ्र ही अंग्रेजी विषय के अध्यापक की नियुक्ति की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस बीच स्कूली बेटियों ने लैंगिक असमानता, बेटियों एवं महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध, कानून एवं व्यवस्था को लेकर भी प्रश्न पूछे। इस बीच मंत्री राजेश धर्माणी ने स्कूली छात्रों को बेटियों के प्रति भेदभाव न करने, उनका सम्मान करने एवं सुरक्षा देने की शपथ भी दिलाई।

इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न भी पूछे तथा उनके उत्तरों की सराहना की। वहीं प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने कविता पाठ एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। मंत्री ने बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह की प्रशंसा करते हुए उनका हौसला बढ़ाया तथा नकद ईनामी राशि भी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि डंगार स्कूल में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से विद्यालय में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को खेलों में बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

स्कूल के विद्यार्थियों जन्नत, नेहा धीमान तथा रितेश चंदेल ने संवाद कार्यक्रम आयोजन को कहा थैंक्स

स्कूल के विद्यार्थियों नेहा धीमान, जन्नत तथा रितेश चंदेल ने उनके लिए संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल उन्हें बेहतर मार्ग दर्शन मिला बल्कि जीवन के निर्धारित लक्ष्य की स्पष्टता भी हुई है।

इससे पूर्व विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य, अध्यापकों तथा विद्यालय परिवार ने तकनीकी शिक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल सहित स्कूल के अध्यापक मौजूद रहे।


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