सरकाघाट, 11 जून।
जिला उद्योग केन्द्र, मंडी द्वारा गुरुवार को विकास खंड कार्यालय गोपालपुर, सरकाघाट में महिला उद्यमियों के लिए एक दिवसीय फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईटीकॉन लिमिटेड (NITCON Limited) के माध्यम से किया गया, जिसमें उपमंडल सरकाघाट क्षेत्र की लगभग 50 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम उद्योग विभाग की पहल पर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उद्योग विभाग गोपालपुर के विस्तार अधिकारी अक्षय शर्मा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, स्वरोजगार के अवसरों, सरकारी योजनाओं तथा विपणन एवं नेटवर्किंग से संबंधित विभिन्न मंचों की जानकारी प्रदान करना था।
फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन रैम्प (RAMP) परियोजना के अंतर्गत संचालित ‘सोशल इंक्लूजन’ घटक के तहत किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों की वित्तीय पहुंच को सुदृढ़ बनाना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना तथा स्थायी आजीविका एवं बेहतर बाजार संपर्क सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, विभिन्न सरकारी सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा डिजिटल एवं ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने व्यवसाय विस्तार, वित्तीय प्रबंधन तथा बाजार तक पहुंच बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) चंद्र प्रकाश, वित्तीय साक्षरता केंद्र (एफएलसी) के हरि सिंह कौंडल, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से अंजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की सफल महिला उद्यमी एवं लाभार्थी मनु बाला विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महिला उद्यमियों ने विभिन्न योजनाओं, ऋण सुविधाओं एवं वित्तीय अवसरों से संबंधित प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया।
जिला अग्रणी बैंक कार्यालय, मंडी के एलडीएम चंद्र प्रकाश ने कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित “खेत बचाओ अभियान” तथा किसानों के लिए विकसित ‘कृषिका (KRISHIKA)’ मोबाइल ऐप के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं कृषि उत्पादन की स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बैंकों के माध्यम से सरल प्रक्रिया एवं रियायती ब्याज दरों पर विभिन्न ऋण योजनाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण बिना भूमि बंधक के प्राप्त हो सकता है।
चंद्र प्रकाश ने किसानों एवं महिला उद्यमियों से प्राकृतिक खेती अपनाकर पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘कृषिका’ मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करने की भी सलाह दी, ताकि किसान कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकें तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी कार्यालय गोपालपुर से अंजना कुमारी सहित स्थानीय महिला उद्यमी भी उपस्थित रहीं।
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