मदर टेरेसा ने दुनिया भर में मानवीय सेवा के कार्य को एक नई दिशा दी और वे आज भी प्रेम, करुणा और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक मानी जाती हैं। 1950 में कोलकाता में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की स्थापना की, उन्हें 1979 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार और 1980 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया, और 2016 में उन्हें संत घोषित किया गया, जो 20वीं सदी की महान मानवतावादी मानी जाती हैं।

नगरोटा का मदर टेरेसा ग्लोबल कान्वेंट स्कूल उन्हीं के सिद्धांतों पर चलते हुए नगरोटा के बच्चों का सर्वागीण विकास कर रहा है यह उद्गार हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आर.एस. बाली ने मदर टेरेसा ग्लोबल कान्वेंट स्कूल नगरोटा के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि बनकर पहुँचने पर कहे।
इस मौके पर उनके साथ चेयरमैन संजय भारद्वाज, मैनेजिंग डायरेक्टर गीतांजलि भारद्वाज, प्रधानाचार्य सुभाष कटोच, उप प्रधानाचार्या दीपशिखा, कोऑर्डिनेटर मदर टेरेसा साक्षी, कोऑर्डिनेटर यूरो किड्स सोनीका, एसडीएम मुनीश शर्मा, डायरेक्टर एवं प्रधानाचार्य डॉ दीपक बंसल, समस्त अधिकारी , अध्यापक और बच्चे मौजूद रहे।
बाली ने संबोधन के दौरान स्कूल को वार्षिक समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा नगरोटा स्थित मदर टेरेसा ग्लोबल कान्वेंट स्कूल नगरोटा के बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा। उन्होंने कहा मदर टेरेसा द्वारा बताये हुए सिद्धांतों पर चलते हुए यह स्कूल बच्चों को हर प्रकार से शिक्षित करने का काम करेगा।
उन्होंने कहा स्कूल के बच्चों ने दिल को छुने वाली प्रस्तुतियां दीं हैं उसके लिए बच्चे, शिक्षक और अभिभावक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा आज नगरोटा विधानसभा क्षेत्र शिक्षा के हब के रूप में स्थापित हुआ है। आज नगरोटा में हर विभाग से सम्बन्धित शिक्षण संस्थान है। पूरे प्रदेश के साथ देश के बच्चे आज नगरोटा में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा नगरोटा के इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्युटर साइंस का विभाग शुरू हो गया है आज वहां पहले बैच के 76 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं। नर्सिंग कॉलेज में भी 60 बच्चों का पहला बैच आज शुरू हो गया है। नगरोटा की माडल आईटीआई का कार्य आज शुरू हुआ है जहां जल्द बच्चे पूरे प्रदेश से पढ़ने आयेंगे यह सभी सौगातें नगरोटा के शिक्षा के क्षेत्र में नयी जुड़ी हैं जो नगरोटा को और विकास देंगी।
उन्होंने कहा आज नगरोटा में हिमाचल शिक्षा बोर्ड, सीबीएससी बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल बच्चों को बेहतरीन तरीके से शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। यहां से शिक्षित बच्चे आगे चलकर नगरोटा में ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें इसके लिए सभी तरह के संस्थान आज नगरोटा में खुल चुके हैं।
मैनेजिंग डायरेक्टर सुभाष कटोच ने संबोधन के दौरान कहा इस स्कूल को आईसीएआई द्वारा मान्यता प्राप्त है जो स्कूल की एक बड़ी उपलब्धी है। उन्होंने बताया नवरंभ थीम के साथ आज स्कूल अपना वार्षिक समरोह मना रहा है। उन्होंने स्कूल में समस्त तरह की गतिविधियों के बारे में बताया। बच्चों ने अनेकों मनमोहक साँस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यअतिथि ने परीक्षाओं, खेलों, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार बांटे। उन्होंने गणमान्य लोगों को भी स्मृति चिन्ह दिए। उन्होंने स्कूल में विकास कार्य के लिए 1 लाख रुपये दिए। गत दिनों नगरोटा में एनएच के कार्य में कार्यरत कर्मी की करंट लगने से मृत्यु हुई थी उनकी धर्मपत्नी को 5 लाख रुपये का चेक बिजली विभाग की तरफ से दिया गया।
उन्होंने बदरेहड़ में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर कार्य निरीक्षण भी किया। उन्होंने ब्रिज के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।