जिला में चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान किया जाएगा सुनिश्चित: राहुल कुमार

बिलासपुर, 30 अप्रैल: जिला बिलासपुर में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने के लिए सभी आवश्यक प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी किसी गतिविधि में संलिप्त होने की अनुमति नहीं होगी, जिससे धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र या समुदाय के आधार पर आपसी वैमनस्य, तनाव या घृणा को बढ़ावा मिले। वोट हासिल करने के लिए धार्मिक या सामाजिक आधार पर अपील करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही मंदिर, मस्जिद, चर्च जैसे पूजा स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग करना भी सख्त रूप से निषिद्ध रहेगा।

उपायुक्त ने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते किसी भी उम्मीदवार के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी टिप्पणियां या आरोप जो सार्वजनिक जीवन से संबंधित नहीं हैं, उन्हें प्रचार का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। साथ ही बताया कि राजनीतिक दलों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों और कार्यप्रणाली तक सीमित रहनी चाहिए और अपुष्ट तथ्यों पर आधारित आरोपों से बचना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के अंतर्गत किसी व्यक्ति के घर के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी या विरोध स्वरूप किसी भी प्रकार की गतिविधि की अनुमति नहीं रहेगी। इसके अतिरिक्त चुनाव के दौरान रिश्वत देना, अनुचित प्रभाव डालना, सरकारी कर्मचारियों की सहायता लेना या मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए मुफ्त परिवहन की व्यवस्था करना जैसी गतिविधियां दंडनीय अपराध मानी जाएंगी और ऐसे मामलों में उम्मीदवार को अयोग्य तक ठहराया जा सकता है।

उन्होंने निर्धारित आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत प्रचार सामग्री के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बिना अनुमति किसी भी निजी या सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या झंडे लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी अन्य दल या उम्मीदवार की प्रचार सामग्री को हटाना या नुकसान पहुंचाना भी वर्जित है। चुनाव प्रचार में प्लास्टिक से बनी सामग्री का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के भीतर सभी प्रचार सामग्री हटाना अनिवार्य होगा।

उपायुक्त ने बताया कि किसी भी उम्मीदवार या दल को बिना अनुमति लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। लाउडस्पीकर का उपयोग केवल सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक ही किया जा सकेगा और स्कूलों एवं अस्पतालों के आसपास इसका प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री पोस्ट करना भी दंडनीय होगा तथा पेड न्यूज पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम जनता से आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की अपील करते हुए कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


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