मिलाप कौशल खुंडियां
माखन चोरी करने के कारण ही भगवान श्री कृष्ण माखनचोर कहलाए” उक्त वाक्य पंडित सुमित शास्त्री ने तहसील ज्वालामुखी के अन्तर्गत पड़ने वाले गांव गगढूही दरीन के शिव शक्ति मन्दिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवें दिन कहे।शास्त्री ने वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज में गोपियों के मनोरथों को पूर्ण करने के लिए बालरूप में माखन चोरी की लीला की।

भगवान के सखाओं के नाम बिल्वमंगल,धनसुखा,मनसुखा व श्रीदामा थे । जब गोपियां आए दिन प्रभु की शिकायतें लगाती तो माता यशोदा कहती की कन्हैया तेरे घर किसी चीज की कमी है जो तू लोगों के घर जाकर माखन चोरी करे ,नौ लाख गैयां है तेरे घर में ,यही आनन्द लेने के लिए आए दिन गोपियां बहाना बना के आती रहती ।
इसके बाद शास्त्री ने कुबेर के पुत्रों का उद्धार, वृंदावन प्रवेश, कालिया मर्दन लीला व गोवर्धन लीला का प्रसंग श्रवण करवाया । कथा के बीच सुन्दर भजन नाचे नंदलाला नचावे हरि की मैय्या व मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नाइ माने मेरो मनवा.. ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया । कथा में उमा शर्मा,मधु शर्मा,अंजली,मंजू, राजकुमार,अरुण,प्रिंस,सुनील कुमार ने भाग लिया ।