जिले में आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए आपसी समन्वय से करें कार्य बैंक और विभाग – अपूर्व देवगन

मंडी, 09 जून

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंकों के सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। वह मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में मंडी जिला की त्रैमासिक जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला में संचालित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं एवं वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वरोजगार योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता देने पर बल दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि जिले के समग्र आर्थिक विकास के लिए बैंक और विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बैंक अधिकारियों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में सहयोग का आग्रह किया।उन्होंने बैंकर्स का आह्वान किया कि विद्यार्थी ऋण योजनाओं विशेषकर यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करें,ताकि गरीब वर्ग के बच्चों की इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वित्तीय जागरूकता शिविरों में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के प्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने निर्देश दिए।उपायुक्त ने एस सी एस टी निगम तथा उद्योग विभाग के पास लंबित मामलों को बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर शीघ्र प्रोसेस करने के निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने कहा कि बैंकों के लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उन्हें आपसी समन्वय से हासिल करें। सभी अधिकारी व बैंकर्ज मिलकर इसके लिए कार्य करें। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने की दिशा में कार्य करने को भी कहा ।

उपायुक्त ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आर सेटी की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की भी अध्यक्षता की। आरसेटी द्वारा 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक कुल 12 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 337 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन कार्यक्रमों में आचार एवं मसाला निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, मशरूम उत्पादन, जूट उत्पाद निर्माण, खिलौना निर्माण, मोमबत्ती निर्माण तथा मधुमक्खी पालन सहित विभिन्न स्वरोजगार आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ मदन कुमार ने बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी तरुण चौधरी ने रिजर्व बैंक की गाइडलाइन बारे बैंकर्स को अवगत करवाया तथा उनका आह्वान किया कि लोगों को डिजिटल फ्रॉड बारे जागरूक करें तथा लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की।

पंजाब नेशनल बैंक के मंडी मंडल के मुख्य प्रबंधक अमित कुमार ने उपायुक्त ,सभी बैंकों एवं विभागों के अधिकारियों का स्वागत किया तथा बैंक द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।

अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश ने तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के एनुअल क्रेडिट प्लान के तहत 31 मार्च तक मंडी जिला मे कुल 5673.78 करोड़ के ऋण वितरित किए गए इसमें कृषि क्षेत्र मे 2218 करोड़, उद्योग एवं व्यवसाय क्षेत्र मे 1473.68 करोड़ , अन्य प्राथमिकता क्षेत्र मे 162.84 करोड़ तथा गैर प्राथमिकता क्षेत्र मे 1819.26 करोड़ के ऋण वितरित किए गए हैं।उन्होंने बताया कि जिले में बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा रही है।

डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा ने वर्ष 2027-28 के लिए तैयार की गए पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान बारे विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में सभी बैंकों के प्रबंधक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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