मानसून से पहले प्रशासन सतर्क, दुर्गम क्षेत्रों में राशन और दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश
धर्मशाला, 09 जून: उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। वे आज उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित एनआईसी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिल्पी बेक्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिले के सभी उपमंडलाधिकारी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
उपायुक्त ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले जिले में कूहलों, नालियों तथा अन्य जल निकासी तंत्रों की साफ-सफाई संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को प्रभावी जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षा जल का जमाव न हो तथा जलभराव एवं सड़कों को नुकसान जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों एवं अन्य स्थलों की पहचान कर उनकी सूची पूर्व में ही तैयार करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं। साथ ही लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग तथा विद्युत विभाग को जेसीबी मशीनों, आवश्यक उपकरणों और अन्य संसाधनों को अग्रिम रूप से तैयार रखने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हेमराज बैरवा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला तथा उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपदा संबंधी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त सभी विभागों को मानसून अवधि के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि सभी उपमंडल अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा संबंधित विभागों के साथ बैठकें आयोजित कर स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दौरान आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए स्कूल भवनों का उपयोग किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए खाली पड़े स्कूल भवनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्कूल भवनों का विवरण भी समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाया जाए।
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