सरकाघाट,
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य क्षमता निर्माण तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपमण्डल सरकाघाट में 22 से 24 दिसम्बर तक चलने वाले तीन दिवसीय ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंम्भ बाल विकास परियोजना अधिकारी गोपालपुर अनीता शर्मा ने किया।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक एवं सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी अनीता शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के जीवन की पहली शिक्षक होती हैं और उनका सशक्त होना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत विकसित नवीन पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देना है।

उन्होंने बताया कि 0 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए ‘प्रारंभिक प्रोत्साहन नवचेतना पाठ्यक्रम’ तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ के तहत ‘आधारशिला पाठ्यक्रम’ शुरू किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के भाषा, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक, रचनात्मक, शारीरिक एवं सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर एवं पर्यवेक्षक विनोद कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान पोषण और शिक्षा के बीच संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बच्चों के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है। इस अवधि में उचित पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने से बच्चों के भावी विकास की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

उन्होंने कहा कि समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों को मानव संसाधन विकास की नर्सरी के रूप में और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।वहीं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार ने बच्चों के संपूर्ण आहार पर जानकारी देते हुए बताया कि बाजरा आयरन का समृद्ध स्रोत है, जिससे रक्त की कमी दूर होती है। उन्होंने मोटे अनाजों को पुनः आहार में शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही बच्चों की हड्डियों के उचित विकास के लिए कैल्शियम, विटामिन डी, दूध एवं दुग्ध उत्पादों के सेवन तथा नियमित धूप लेने की सलाह दी।

इसके साथ ही पर्यवेक्षक अनिल बनयाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि इनका उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को रुचिकर और प्रभावी बनाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना क्षेत्र की कुल 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण, केस स्टडी एवं नवीनतम शैक्षिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।