सोलन ज़िला में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के द्वितीय चरण का शुभारम्भ
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए ज़िला प्रशासन प्रतिबद्ध है। मनमोहन शर्मा आज यहां केन्द्रीय माध्यमिक बोर्ड के साथ सम्बद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के द्वितीय चरण के शुभारम्भ के उपरांत उपस्थित छात्रों, अध्यापकों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेश में युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने और चिट्टा जैसे मादक पदार्थ के समूल नाश के लिए सघन अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत सभी ज़िलों में युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और मादक पदार्थों से उन्हें दूर रखने के लिए सभी स्तरों पर विभिन्न कार्यक्रम एवं लक्ष्य केन्द्रित अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य समाज को चिट्टा जैसे मादक पदार्थों के विरुद्ध एकजुट करना तथा विभिन्न विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं और आमजन के समन्वित सहयोग से नशे को समाप्त करना है।
उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे को न कहना सीखना है और अपने सार्थियों को भी इस ज़हर से दूर रखना है। उन्होंने कहा कि आज के छात्र कल देश और प्रदेश को आगे ले जाने में सहायक बनेंगे। युवा पीढ़ी का मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना न केवल युवाओं के लिए अपितु पूरे समाज के लिए आवश्यक है।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि चिट्टा जैसा नशा युवाओं को एक ओर जहां धीरे-धीरे पूर्ण रूप से अक्षम बनाता है वहीं आर्थिक कमज़ोरी एवं सामाजिक बहिष्कार का कारण भी बनता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा ठान लें तो किसी भी प्रकार के नशे के चंगुल में उन्हें नहीं फंसाया जा सकता।
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि समाज और परिवार के साथ-साथ अपने भविष्य के लिए नशे से दूर रहें। उन्होंने आशा जताई कि युवा नशे के विरुद्ध सदैव एकजुट रहेंगे और अपने साथियों को भी नशे से दूर रखेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को नियमित व्यायाम एवं खेलों को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार ज़िला प्रशासन द्वारा प्रथम जून, 2026 से 20 अगस्त, 2026 तक ज़िला के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय उच्च विद्यालयों तथा निजी विद्यालयों में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान का द्वितीय चरण कार्यान्वित किया जाएगा। अभियान के तहत छात्रों को नशाखोरी विशेषकर चिट्टा के दुष्प्रभावों के विरुद्ध जागरूक किया जाएगा ताकि वह स्वस्थ, अनुशासित एवं नशा मुक्त जीवन पद्धति अपनाएं।
उन्होंने अध्यापकों एवं अभिभावकों से आग्रह किया कि छात्रों के साथ मित्रवत व्यवहार रखें और शिक्षा के साथ-साथ उन्हें नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक गतिविधियों की जानकारी दें।
उपायुक्त ने कहा कि ज़िला के विभिन्न अधिकारियों को 20 अगस्त, 2026 तक विद्यालयों में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के तहत छात्रों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समग्र रूप से नशा मुक्त अभियान सफल हो सके।
इस अवसर पर छात्रों को नशाखोरी के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अध्यापक तथा छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे।
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