अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत कला एवं संस्कृति को समर्पित विशेष आयोजन “Canvas of The Hills” का आयोजन ऐतिहासिक रिज मैदान, शिमला में किया गया। इस अनूठे कला महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित चित्रकारों एवं कलाकारों ने भाग लेकर शिमला की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपने कैनवास पर सजीव रूप में उकेरा।
इस अवसर पर उपायुक्त एवं अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही कलाकारों ने अपनी रचनात्मक कृतियाँ उपायुक्त को भेंट स्वरूप प्रदान कीं। इन उत्कृष्ट चित्रों की भविष्य में विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिससे कला प्रेमियों को हिमाचल की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्राप्त होगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस विशेष पहल के तहत कलाकारों ने रिज मैदान एवं उसके आसपास के प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक परिवेश का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए लाइव पेंटिंग और स्केचिंग की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अगले चरण में कलाकार हिमालयी क्षेत्र की अद्भुत प्राकृतिक छटा को चित्रित करने के लिए स्पीति घाटी का भ्रमण भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि “Canvas of The Hills” कला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देशभर के कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना, कला के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा शिमला की अनुपम सुंदरता को रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना है। यह आयोजन न केवल कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, बल्कि स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों के लिए भी कला और संस्कृति से जुड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर बना।
***विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लिया भाग
इस कला महोत्सव में पुणे, जोधपुर, विशाखापट्टनम, असम तथा शिमला सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागी कलाकारों में शिरीष देशपांडे, मनोज सोमन, संदीप खेडकर, नितिन महामुनी, महेंद्र कोंडेकर, सुहासिनी एम. कोंडेकर, राधा सोमन, विनीता पुरोहित लोहरा, गुलजार हुसैन, साई मणिकिरण वेदुरुपर्थी, वामसी किरण पैला, देबप्रिया बेजबरुआह, नक्शदीप सिंह तथा राजेंद्र मेहता शामिल रहे।
“Canvas of The Hills” कला महोत्सव शिमला की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है तथा कला के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का सशक्त प्रयास किया है।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.