नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : डॉ. मदन कुमार

शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से होंगे जागरूकता कार्यक्रम

मंडी, 01 जून। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी डॉ. मदन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) समिति की बैठक कामक्षा हॉल, पुलिस लाइन मंडी में आयोजित की गई। इसमें जिले में नशे की रोकथाम, तस्करी पर अंकुश लगाने तथा जन-जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।

डॉ. मदन कुमार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा नशा विरोधी समितियों की सक्रियता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने युवाओं को खेलों एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

डॉ. मदन ने एनकॉर्ड से संबंधित अधिकारीयों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिला को नशा मुक्त बनाने के उदेश्य से हर बैठक में अपनी उपस्थिति अवश्य सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान पिछली बैठक की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा भी की गई।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति की सातवीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार पूरे प्रदेश में चिट्टे की संपूर्ण रोकथाम के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। जिला मंडी में भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मंडी जिला में जनमानस को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से वॉकाथोन का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागीय संस्थाओं द्वारा स्थापित डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए।

बैठक में बताया गया कि चिट्टा के कारोबार से जुड़े लोगों की सूचना देने वालों को प्रदेश सरकार की ओर से 20 हजार रुपए की राशि इनाम के रूप में दी जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। कोई भी नागरिक यह जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर भेज सकते हैं।

उन्होंने बताया कि नशे की रोकथाम, परामर्श एवं उपचार सेवाओं के लिए नागरिक “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप के साथ-साथ 1800-11-0031, 1933 तथा 14446 नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठा सकते हैं।

डॉ. मदन ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से स्कूलों व शिक्षण संस्थानों के नजदीक बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को मादक पदार्थ के सेवन से बचाया जा सके।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि जिला मंडी में 1 जनवरी, 2026 से 31 मई, 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कुल 149 मामले दर्ज किए गए हैं तथा 206 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 199 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं।

बैठक में अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी और विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय जांच, संपत्ति कुर्की तथा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की गई कार्रवाई की भी जानकारी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि वर्ष 2025-26 में वित्तीय जांच के 17 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि वर्ष 2024-2026 तक 36 मामले न्यायालयों में लंबित हैं। जबकि 2025-26 की अवधि में 4 मामलों में आरोपियों की संपत्ति अटैच की गई है तथा दो मामलों में संपत्ति अटैचमेंट की प्रक्रिया लंबित है।

बैठक में पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।


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