मंडी, 22 मई। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर पेंशन, जी.पी.एफ एवं लेखा कार्यशाला का आयोजन प्रधान महालेखाकार (लेखा व हकदारी) कार्यालय द्वारा आज यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर मंडी में किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने किया।
कार्यशाला में प्रधान महालेखाकार सुशील ठाकुर के निर्देशों पर पेंशन व सामान्य भविष्य निधि के मामलों में हकदारी कार्यो में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता लाये जाने तथा हितधारकों के मामलों को समय पर निपटाए जाने के लिए जागरूकता तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, कोष कार्यालय एवं लोक निर्माण विभाग मण्डलों, जल शक्ति मण्डलों में कार्यरत मण्डलीय, वरिष्ठ मण्डलीय लेखा अधिकारियों के साथ लेखों से सम्बंधित जानकारियां साँझा की गईं, ताकि जमीनी स्तर पर लेखांकन को सुदृढ़ किया जा सके।
इस मौके पर उपनिदेशक (कोष एवं लेखा) राजेंद्र डोगरा एवं जिला कोषाधिकारी मंडी परीक्षित मिन्हास विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रकार की कार्यशाला, पेंशन अदालत के निरंतर आयोजन पर बल दिया। मोहन लाल, वरिष्ठ लेखा अधिकारी (प्रधान महालेखाकार कार्यालय, शिमला) ने कार्यशाला की अध्यक्षता की तथा उन्होंने पेंशन एवं निधि पर पी.पी.टी. प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ लेखा अधिकारी मदन लाल भारद्वाज ने लेखों की गुणवत्ता एवं महत्वत्ता पर पी.पी.टी. प्रस्तुत की।
इस पेंशन अदालत में जिला स्तर पर स्थित सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, मण्डलीय लेखा अधिकारियों, कोष अधिकारियों एवं उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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