मंडी, 10 जून। वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के अंतर्गत लंबित प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक बैठक बुधवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के वीसी हॉल में आयोजित की गई। बैठक में जिले की विकास परियोजनाओं से जुड़े एफसीए मामलों की गहन समीक्षा की गई और उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से बचने के लिए एफसीए प्रस्तावों का शीघ्र निष्पादन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए ताकि विकास कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो सकें और उनमें अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के विभिन्न विभागों के कुल 34 एफसीए प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 16 लोक निर्माण विभाग,6 जल शक्ति विभाग, 2 एनएचएआई,एक स्कूल तथा 9 अन्य विभागों से सम्बन्धित मामले हैं। उपायुक्त ने इसके लिए वन, जल शक्ति, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के प्रयासों की सराहना की।
बैठक के दौरान कुल 99 एफसीए प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा की गई, जिनमें से 70 प्रस्ताव परिवेश 1.0 पोर्टल तथा 29 प्रस्ताव परिवेश 2.0 पोर्टल से संबंधित थे। ये प्रस्ताव न्यायिक परिसरों, सड़कों, भवनों और जलविद्युत परियोजनाओं आदि से संबंधित हैं। न्यायिक परिसरों के पांच मामलों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है ।
बैठक का संचालन डीएफओ मुख्यालय मंडी वसु डोगर ने किया। उन्होंने जिला में चल रहे एफसीए मामलों में हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव विवेक कायस्थ, एसीएफ सुकेत राकेश कटोच, डीएफओ नाचन एसएस कश्यप, डीएफओ जोगिन्द्रनगर अश्विनी कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता विवेक हाज़री सहित लोक निर्माण, जल शक्ति तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.