ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की
धर्मशाला, 10 जून: एडीसी कांगड़ा विनय कुमार की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी के बैठक कक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (एनआईडी-आईपीपीआई) की तैयारियों और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
एडीसी ने बताया गया कि 28 जून 2026 को जिले भर में बूथ स्तर पर पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जबकि 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान के दौरान जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1,01,366 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1069 बूथ, 21 ट्रांजिट प्वाइंट, 190 हाई रिस्क स्थलों पर 2138 टीमें, 4276 वैक्सीनेटर तथा 212 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
विनय कुमार ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, परिवहन, विद्युत, पंचायती राज, उद्योग विभाग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को अभियान में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा तथा विशेष रूप से प्रवासी, निर्माण स्थलों, ईंट-भट्टों और अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डाॅ. विवेक करोल ने बताया कि भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को नियमित टीकाकरण के साथ-साथ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान पोलियो की अतिरिक्त खुराक देना आवश्यक है ताकि देश की पोलियो मुक्त स्थिति बरकरार रखी जा सके।
कांगड़ा में एचपीवी टीकाकरण अभियान को गति देने के निर्देश
इसके उपरांत एडीसी ने जिला कांगड़ा में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए शुरू किए गए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। विनय कुमार ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने तथा पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित मानी जाती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 74 कोल्ड चेन प्वाइंट्स के माध्यम से टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष आयु वर्ग की 8,453 पात्र बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अब तक जिले में 2,249 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका हैै। उन्होंने सभी स्कूलों से एचपीवी टीकाकरण से सम्बन्धित डाॅटा गूगल शीट के माध्यम अपडेट करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल ने बताया कि भारत में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के तहत सिंगल डोज वैक्सीन लगाई जा रही है जोकि 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी पाई गई है। उन्होंने बताया प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों में यही टीकाकरण 5 से 10 हजार रुपये में किया जाता है जबकि सरकारी संस्थानों में यह टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, डीआईओ डाॅ. दुष्यंत कुमार, डिप्टी डीईओ अश्वनी कुमार, जिला आयुष अधिकारी डाॅ. बृज नंदन शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा, डीपीओ पंचायत सचिन ठाकुर सहित वीडियो कान्फ्रंेसिंग के माध्यम से समस्त बीएमओ एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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