अम्ब, 3 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई)-2026 के सफल, प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित आयोजन को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से उपमंडल आयुष विभाग अम्ब द्वारा आयुष स्वास्थ्य केंद्र भंजाल में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अलावा आयुष विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी, अम्ब डॉ. राजेश शर्मा ने की।
बैठक में उपमंडल अम्ब एवं गगरेट के समस्त आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. राजेश शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के आयोजन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में योग के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायत स्तर के संस्थानों तथा सामुदायिक स्थलों पर प्री-आईडीवाई गतिविधियों और योग वाई-ब्रेक सत्रों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को योग के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों से अवगत करवाया जा सके।
इस दौरान 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं तथा निर्देश दिए गए कि योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों, युवा संगठनों तथा आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सशक्त माध्यम है। योग का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 को जन-जन का उत्सव बनाते हुए इसे एक जन-आंदोलन के रूप में मनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आयुष संस्थानों में संचालित पंचकर्म सेवाओं, औषधीय (हर्बल) उद्यानों के संरक्षण एवं विकास तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत विभागीय सहभागिता एवं रोगी रेफरल गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी ने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचकर्म सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जाए, औषधीय उद्यानों का नियमित रखरखाव एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जाए तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते हुए क्षय रोगियों की पहचान, परामर्श और रेफरल गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
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