105 युवाओं के सपनों को मिला सहारा, कैप्टन संजय पराशर ने दिखाई नई राह

बेरोजगारी के दौर में उम्मीद की किरण बने कैप्टन संजय पराशर

आज के दौर में जहां बेरोजगारी हजारों युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रही है, वहीं कैप्टन संजय पराशर युवाओं के भविष्य को संवारने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में पराशर ने एक बार फिर उम्मीद की ऐसी लौ जलाई है, जिसने 105 युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी है।

मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान संजय पराशर ने मर्चेंट नेवी के विभिन्न पदों के लिए 105 युवाओं को नौकरी की स्पांसरशिप प्रदान की। इस पहल के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों से चयनित युवाओं को समुद्री क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिला है। पिछले एक वर्ष में संजय पराशर प्रदेश के 500 युवाओं को मर्चेंट नेवी में रोजगार दिला चुके हैं।

इन चयनित युवाओं में प्रदेश सहित जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के कई होनहार युवा भी शामिल हैं, जिनके सपनों को अब उड़ान मिलने जा रही है।

जसवां-प्रागपुर क्षेत्र से अरुण ठाकुर (गरली), सुजल शर्मा (रोडी कोड़ी), सुजल शर्मा (सुही), ईशान कौशल व आदित्य भारद्वाज (रिड़ी कुठेड़ा), ध्रुव मन्हास (नंगल बस्सी), अनिकेत ठाकुर (कोटला), अंशुल बाबा (स्वाना), निशांत कुमार (अलोह), नरेश कुमार (चौली), मनीष धीमान (जटोली), अजय कुमार (स्वाना), अभिषेक (पीर सलुही), आशीष व पीयुष (कुठियाड़ा), चमन ठाकुर (जंडौर), मोहित (टैरेस), आदित्य (गरली), आशीष (स्यूल), सचिन राणा (टिक्कर), सागर राणा व हिमांशु (चंबा खास), ऋतिक डोगरा (नाहन नगरोटा), परक्षित (दांगड़ा), साहिल (स्वाना), आदित्य पठानिया (बनी), अमन (चौमुखा), साहिल ठाकुर (घाटी), अकाश डोगर (सूंही), और अनुराग (नंगल चौंक) सहित कई युवा शामिल हैं। इसके अलावा किन्नू से निक्षित ठाकुर व सकराला से तरूण कौंडल भी चयनित हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान संजय पराशर ने कहा कि वर्तमान समय में बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं, युवाओं के आत्मविश्वास और परिवारों की उम्मीदों से जुड़ा बड़ा संकट बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आज अनेक युवा प्रशिक्षण और डिग्रियां हासिल करने के बाद भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में केवल शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए युवाओं को सही मंच, सही अवसर और सही दिशा उपलब्ध करवाना भी समाज की जिम्मेदारी है। समारोह में सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब चयनित युवाओं के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।

अरसे से अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में डूबे परिवारों को जैसे अचानक उम्मीद का किनारा मिल गया हो। अभिभावकों मनीष कुमार, राज कुमार, सुरेंद्र सिंह, रनजीश, मोहित, अनीता राणा, प्रवीण कुमारी और हरबंस सिंह ने कहा कि यह अवसर नौकरी के साथ उनके परिवार के संघर्षों से बाहर निकलने की नई शुरुआत है। वहीं चयनित युवाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने संजय पराशर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मौका उनके जीवन का सबसे बड़ा पड़ाव साबित होगा और वे पूरी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।


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