जाइका परियोजना के तहत छकोह में टमाटर फसल का किया निरीक्षण

किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित

बिलासपुर, 02 जून: हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी-चरण-2) के अंतर्गत जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के सहयोग से संचालित गतिविधियों के तहत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, बिलासपुर के अधिकारियों ने ग्राम छकोह का दौरा कर टमाटर उत्पादक किसानों के खेतों का निरीक्षण किया तथा फसल की वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। परियोजना क्षेत्र में लगभग 30 किसानों द्वारा 30 बीघा भूमि पर टमाटर की व्यावसायिक खेती की जा रही है, जो क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

निरीक्षण के दौरान खंड परियोजना प्रबंधक पवन कुमार तथा कृषि प्रसार अधिकारी मोहित नायक ने किसानों के साथ खेतों में जाकर टमाटर फसल की वृद्धि, पौधों के स्वास्थ्य, उत्पादन क्षमता तथा फसल प्रबंधन गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर किसान राम रतन, चमेल सिंह सहित अन्य टमाटर उत्पादक किसान भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से खेती के अनुभवों, उत्पादन संबंधी चुनौतियों तथा बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की।

पवन कुमार ने किसानों को टमाटर फसल में लगने वाले विभिन्न कीटों एवं रोगों की समय पर पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नियमित निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम), संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण संबंधी उपाय अपनाने की सलाह दी, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि टमाटर जैसी नगदी फसलों में निराई-गुड़ाई, समयबद्ध सिंचाई, पौधों को सहारा देने के लिए स्टेकिंग तथा अन्य वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का विशेष महत्व है। इन उपायों को अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों को बाजार में अच्छे दाम भी प्राप्त होते हैं।

अधिकारियों ने किसानों को परियोजना के माध्यम से उपलब्ध तकनीकी सहायता एवं कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के तहत किए जा रहे प्रयास क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को नई दिशा देंगे तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याओं एवं अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया, जिन पर उन्हें आवश्यक तकनीकी परामर्श प्रदान किया गया। किसानों ने परियोजना के माध्यम से मिल रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें वैज्ञानिक ढंग से खेती करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।


Discover more from Newshimachal24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Newshimachal24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading