चिट्टा के खिलाफ लड़ाई जन आंदोलन में हुई परिवर्तित: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने शिमला क्रिकेट कार्निवल के समापन समारोह की अध्यक्षता की

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार देर सायं यहां पुलिस ग्राउंड भराड़ी में आयोजित शिमला क्रिकेट कार्निवल के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन ‘नशा छोड़ो, खेल खेलो’ थीम के अंतर्गत किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्निवल आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों, विशेषकर चिट्टा के विरुद्ध छेड़ी गई मुहिम अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के दौरान वॉलीबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खेल गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देती हैं तथा उन्हें नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने चिट्टा मुक्त समाज के निर्माण के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सभी महाविद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित सेमिनार और वॉकथॉन आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में नियमित रूप से जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस, सामाजिक संगठन, पंचायतें, शिक्षक, अभिभावक और युवा मिलकर नशे के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क और जड़ों पर भी कड़ा प्रहार कर रही है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान लगभग 51 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त कीं र्गइं हैं तथा कई तस्करों और माफिया तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे से संबंधित मामलों में अब तक 123 सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। 10 राज्य कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में नियुक्ति से पूर्व डोप टेस्ट अनिवार्य करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो नशामुक्त हिमाचल के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने प्रदेश में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और महत्वाकांक्षी पहलों की भी विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा क्रिकेट ग्राउंड शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, शिमला क्रिकेट कार्निवल क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र बांसटु, टूर्नामेंट अध्यक्ष मनोज चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप भी उपस्थित थे।


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