10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से परखी गई जिला बिलासपुर की आपदा प्रबंधन क्षमता

भूकंप एवं अग्निकांड पर आधारित विभिन्न परिदृश्यों में राहत एवं बचाव एजेंसियों ने किया सफल अभ्यास

बिलासपुर, 15 जून: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के सौजन्य से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जिला बिलासपुर में 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज-2026 का सफल आयोजन किया गया।

इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार बताया ने कि इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं राहत एजेंसियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपसी समन्वय का परीक्षण करना रहा।

उन्होंने बताया कि मेगा मॉक एक्सरसाइज के दौरान जिला बिलासपुर के विभिन्न उपमंडलों एवं विकास खंडों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर आधारित राहत एवं बचाव अभियान संचालित किए गए। सदर उपमंडल के अंतर्गत गांधी मार्केट बिलासपुर शहर में एक दुकान में आग लगने की घटना पर अग्निशमन विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण प्राप्त किया। इस दौरान पांच घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया तथा सभी को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया और पूर्णम मॉल बिलासपुर में भूकंप के कारण उत्पन्न आपात स्थिति का परिदृश्य तैयार किया गया। राहत एवं बचाव दलों ने छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान करने के बाद घर भेज दिया गया।

इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में भूकंप के कारण भवन के एक हिस्से के ध्वस्त होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। इस घटना में 12 व्यक्तियों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें से 10 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि परिदृश्य के अनुसार दो व्यक्तियों की मृत्यु दर्शाई गई।

विकास खंड घुमारवीं के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बल्ह चुरानी में भवन ध्वस्त होने की घटना का परिदृश्य तैयार किया गया। घटना के समय परिसर में 120 विद्यार्थी मौजूद थे। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सात विद्यार्थियों को मामूली चोटें आईं। 55 विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार प्रदान कर घर भेजा गया जबकि 35 विद्यार्थियों को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिदृश्य के अनुसार 10 विद्यार्थियों की मृत्यु दर्शाई गई तथा 20 विद्यार्थियों को सुरक्षित रूप से निकाला गया।

विकास खंड झंडूता के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में भूकंप प्रभावित स्थिति में बचाव अभियान संचालित किया गया। इस दौरान नौ व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें चार व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया जबकि तीन गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिदृश्य के अनुसार दो व्यक्तियों की मृत्यु दर्शाई गई।

विकास खंड श्री नैना देवी जी के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट में भूकंप प्रभावित स्थिति के दौरान 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें पांच लोग घायल हुए जबकि सात लोगों को सुरक्षित बचाया गया। घायलों को उपचार उपलब्ध करवाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इसी विकासखंड के अंतर्गत समलेटू फोरलेन क्षेत्र में भूस्खलन की घटना का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक वाहन मलबे की चपेट में आ गया। वाहन में सवार चारों व्यक्तियों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

अभ्यास के दौरान जिले भर में कुल 327 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया। 158 घायलों को उपचार उपलब्ध कराया गया, जिनमें से 76 व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया तथा 68 व्यक्तियों को अस्पतालों में भर्ती अथवा रेफर किया गया। परिदृश्य के अनुसार 14 मृतकों को भी दर्शाया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच संचार प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की गति तथा समन्वय तंत्र का सफल परीक्षण किया गया।

उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदाओं के दौरान प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य संस्थानों, अग्निशमन विभाग, पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा अभ्यास में निभाई गई सक्रिय भूमिका की सराहना की।


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