शिक्षा प्रणाली का उड़ाया जा रहा मजाक।



एनटीए को खत्म करो।


किरण राही /मंडी।

 स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और भारत की जनवादी नौजवान सभा DYFI जिला कमेटी ने  दिनांक 20/6/2024 को ADC मंडी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। संगठन राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने में एनटीए और शिक्षा मंत्रालय की गैरजिम्मेदारी की कड़ी निंदा करती है।

एनटीए की स्थापना के बाद से ही वे पूरी शिक्षा प्रणाली का मजाक उड़ा रहे हैं। एनटीए इन परीक्षाओं के संचालन में पूरी तरह से अक्षम रहा है, जैसा कि नीट में पेपर लीक, सीयूईटी परीक्षा में विसंगतियां और यूजीसी नेट 2024 परीक्षा की अखंडता में मौजूदा समझौता से स्पष्ट है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और हाल ही में नीट परीक्षा धोखाधड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बाद यूजीसी नेट रद्द किया गया है। लगातार हो रही विसंगतियों की गंभीरता को देखते हुए हम शिक्षा मंत्री से जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने की मांग करते हैं।

एसएफआई और नौजवान सभा ने हमेशा एनईपी के तहत एनटीए के निर्माण के पीछे की साजिश की ओर इशारा किया है, जिसका उद्देश्य एक केंद्रीकृत छतरी के नीचे निजी कोचिंग केंद्रों को बढ़ावा देना और हाशिए पर पड़े छात्रों को शिक्षा से बाहर करना है।  अब यह बात परीक्षाओं के स्तर में लगातार गिरावट से स्पष्ट हो गई है। निस्संदेह इस बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

नेट परीक्षा रद्द होने से इस साल बड़ी संख्या में छात्रों के पीएचडी में दाखिले की संभावना भी खत्म हो जाएगी। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट को मानदंड बनाए बिना अलग से परीक्षाएं आयोजित करें। इन बार-बार की विफलताओं से निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षाएं आयोजित करने की एनटीए की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

एस एफ आई और नौजवान सभा  एनटीए के कुप्रबंधन की निंदा करती है, जो न केवल छात्रों द्वारा तैयारी में लगाए गए कीमती समय, संसाधनों और ऊर्जा को बर्बाद करता है, बल्कि अत्यधिक अनिश्चितता और चिंता भी पैदा करता है। यह उन हजारों महत्वाकांक्षी विद्वानों की आकांक्षाओं की घोर उपेक्षा है, जो शोध और निर्देशन में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

यूजीसी नेट परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की जाती है। हम एनटीए को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी से मुक्त करने और यूजीसी के सीधे अधिकार क्षेत्र में अधिक जवाबदेह और मजबूत परीक्षा संचालन प्रणाली स्थापित करने की भी मांग करते हैं और NEET को भी रद्द करने की मांग करते हैं। 

इस अवसर पर नौजवान सभा राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल,पविन्दर, जयदेव,संजय कुमार,एस एफ आई जिला सचिव दीपक कुमार,नितिश, शलिका इत्यादि ने हिस्सा लिया।

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