सराज विधानसभा क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान होमगार्ड के जवान राहत योद्धा बनकर उभरे हैं। कंपनी कमांडर प्रदीप कुमार और प्लाटून कमांडर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में 25 जवानों की टुकड़ी ने 3 जुलाई से 10 जुलाई तक सड़क संपर्क से कटे गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रतिदिन 30 से 35 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय किया।

जवानों ने सुराह, जंजैहली, रूसाड़, पांडवशीला, चयुणी, राहकोट, बलैंडा, भदरेच, भरेड़, करसोनी, शिल्ली, वुखलौड़, नलौहटी, पखरैर और डेजी जैसे अत्यंत दुर्गम गांवों में पीठ पर सामान ढोकर 129 राशन किट, 20 हाईजीन किट, 18 मेडिकल किट और 12 तिरपाल जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाए।
सबसे कठिन क्षेत्र करसोनी तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर और चयुणी गांव के लिए 18 किलोमीटर का एक तरफा पैदल रास्ता पार किया गया, जहां सड़कें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। जवानों ने रैनगलु हैलीपैड से थुनाग और बगस्याड से थुनाग तक राहत सामग्री भी पैदल ढोई।

कंपनी कमांडर प्रदीप कुमार ने बताया कि जब तक सड़कों की बहाली नहीं हो जाती, राहत सामग्री इसी प्रकार से पीठ पर ढोकर प्रभावित गांवों तक पहुंचाई जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सेवा न केवल साहस और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि आपदा के समय प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का पुल भी है।
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