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प्रत्येक पंचायतवासी के सहयोग से इंदौरा क्षेत्र को बनाएंगे चिट्टा मुक्त: विधायक मलेंद्र राजन

👤 kangrahp24@gmail.com 📅 October 6, 2026 👁 7 hours पहले

माजरा, इमटाल, छन्नी व तोकी पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ वन विश्रामगृह इंदौरा में विकास कार्यों एवं नशे की रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक

इंदौरा, 5 अक्तूबर: इंदौरा विधानसभा क्षेत्र की पंजाब सीमा से सटी पंचायतों में विकास कार्यों की समीक्षा तथा नशे के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करने को लेकर वन विश्रामगृह, इंदौरा में बैठक आयोजित की गई। बैठक में माजरा, इमटाल, छन्नी और तोकी पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की समस्या को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में विधायक मलेंद्र राजन ने विशेष रूप से पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों को ‘चिट्टा मुक्त’ बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये पंचायतें पंजाब की सीमा से सटी हुई हैं और ऐसे क्षेत्रों में नशे के खिलाफ पंचायत स्तर पर विशेष सतर्कता और जनभागीदारी की आवश्यकता है।

मलेंद्र राजन ने कहा कि चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की समस्या को केवल पुलिस या प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और महिला मंडलों को इस अभियान से जोड़ना होगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने गांवों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएं और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, रोजगार तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम करें।

उन्होंने कहा कि पंचायतें अपने क्षेत्र को ‘चिट्टा मुक्त’ बनाने का संकल्प लें और नशे के कारोबार के खिलाफ समाज की सामूहिक शक्ति को मजबूत करें। यदि किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आती है तो उसकी सूचना संबंधित विभागों एवं पुलिस को समय पर दी जानी चाहिए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

विधायक ने कहा कि सीमावर्ती पंचायतों की अपनी भौगोलिक परिस्थितियां हैं और इसलिए इन क्षेत्रों में नशे की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष जागरूकता एवं निगरानी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे युवाओं के साथ नियमित संवाद करें तथा गांवों में ऐसे वातावरण का निर्माण करें, जहां युवा नशे के बजाय शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार को अपने भविष्य का आधार बनाएं।

बैठक के दौरान विधायक ने चारों पंचायतों के प्रतिनिधियों से क्षेत्र में चल रहे तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी ली। पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, संपर्क मार्गों तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न मुद्दे बैठक में रखे।

मलेंद्र राजन ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि स्थानीय स्तर की प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकताओं की सूची तैयार कर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं विकास कार्यों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझना और उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाना जरूरी है।

उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि गांवों में खेल गतिविधियों, युवा क्लबों, जागरूकता कार्यक्रमों तथा अन्य सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।

बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी नशे की रोकथाम तथा पंचायतों के विकास से संबंधित अपने सुझाव विधायक के समक्ष रखे। विधायक ने सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे ‘चिट्टा मुक्त पंचायत’ के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाएं और युवाओं के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करें।

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