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वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा, इनका संरक्षण हमारा कर्तव्य: बासु कौशल

👤 kangrahp24@gmail.com 📅 October 6, 2026 👁 4 weeks पहले

वन्यजीव सप्ताह के तहत जिले में जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन

नुक्कड़ नाटक, बर्ड वाॅचिंग, नेचर वाॅक और पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

धर्मशाला, 5 अक्तूबर: वन्यजीवों के संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा वन्यजीव सप्ताह के तहत जिले में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज कचैहरी अड्डा धर्मशाला में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जहां फोक मीडिया कलाकारों ने वन्य जीव संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन अधिकारियों सहित आम लोगों ने वाॅहाईट बोर्ड पर वन्य जीव संरक्षण के लिए संदेश भी लिखे।

मुख्य अरण्यपाल बासु कौशल ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों, युवाओं तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्तूबर तक मनाया जा रहा है इसका थीम स्वास्थ्य और आजीविका के संरक्षण के लिए वन्यजीवों का संरक्षण रखा गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को वन्यजीवों के महत्व, उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके संरक्षण के बिना स्वस्थ एवं संतुलित पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती।

उन्होंने बताया कि सप्ताह के दौरान नुक्कड़ नाटक, बर्ड वाॅचिंग, नेचर वाॅक, पेंटिंग प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण, अवैध शिकार की रोकथाम, वन क्षेत्रों में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया जा रहा है।

इसी प्रकार बर्ड वाॅचिंग और नेचर वाॅक के माध्यम से प्रतिभागियों को स्थानीय जैव विविधता से रूबरू करवाया जा रहा है। प्रतिभागियों को विभिन्न पक्षी प्रजातियों, वनस्पतियों तथा प्राकृतिक आवासों के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि युवा पीढ़ी प्रकृति को करीब से समझे और उसके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करे।

इस अवसर पर डीएफओ अमित शर्मा ने कहा कि वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित की जा रही गतिविधियां केवल एक सप्ताह तक सीमित जागरूकता अभियान नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य लोगों में प्रकृति संरक्षण की स्थायी भावना विकसित करना और वन्यजीवों के संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण में सहयोग करें तथा जंगलों में स्वच्छता बनाए रखने, वनाग्नि की घटनाओं को रोकने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण विषय पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। बच्चों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से वन्यजीवों, जंगलों और प्रकृति के संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

विभागीय अधिकारियों ने बच्चों और प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए वन्यजीव संरक्षण से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गल्र्स धर्मशाला से भावना, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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