पहली बार किसी सरकार ने आरंभ की सुख आश्रय योजना, विशेष राहत पैकेज जैसी योजनाएं
हिमाचल दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हमीरपुर में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, भव्य परेड की सलामी ली
हमीरपुर 15 अप्रैल। 79वां हिमाचल दिवस बुधवार को हमीरपुर में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा मेमोरियल सीनियर सेकंडरी स्कूल हमीरपुर के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस भव्य परेड में हिमाचल प्रदेश पुलिस, होमगार्ड्स, एनसीसी, एनएसएस, वन मित्र, आपदा मित्र, विभिन्न स्कूलों और विशेष बच्चों के स्कूल की टुकड़ियों शानदार मार्च पास्ट किया।
इस अवसर पर सभी जिलावासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह दिवस उन स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को नमन करने का दिन भी है, जिनके त्याग एवं समर्पण के कारण ही हिमाचल प्रदेश एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपनी स्थापना के 78 वर्षों के दौरान हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है।
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि 15 अप्रैल 1948 को चीफ कमिश्नर राज्य के रूप में हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। इसके बाद पार्ट सी स्टेट, केंद्रीय शासित राज्य और पूर्ण राज्य बनने के सफर तक प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार का बहुत बड़ा योगदान रहा। प्रदेश के इतिहास में एक नवंबर 1966 की तिथि बहुत महत्वपूर्ण है,
क्योंकि इस तिथि को ही पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र भी हिमाचल में शामिल किए गए और विशाल हिमाचल अस्तित्व में आया।
गत तीन वर्षों की चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू करके राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित किया है। विशेषकर, सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने ऐसी योजनाएं आरंभ की हैं, जिसकी परिकल्पना पहले किसी भी सरकार ने नहीं की थी। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से सरकार ने निराश्रित बच्चों को बहुत बड़ा सहारा प्रदान किया है। वर्ष 2023 और 2025 के आपदा प्रभावितों के लिए भी प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों ने विशेष राहत पैकेज जारी किया। इस तरह का राहत पैकेज भी आज तक किसी अन्य राज्य या केंद्र सरकार ने नहीं दिया था।
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस समय प्रदेश के समक्ष कई आर्थिक चुनौतियां हैं। राजस्व घाटा अनुदान के बंद होने और संघीय ढांचे में राज्यों को राजस्व आवंटन में विसंगतियों के कारण हिमाचल को भारी नुक्सान हो रहा है। इन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित किया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने परेड के प्रतिभागियों और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, विधायक सुरेश कुमार और कैप्टन रणजीत सिंह, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, ओबीसी वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, पूर्व विधायक मनजीत सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष ढटवालिया, अन्य नेता, डीसी गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
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