हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने वीबी जी राम जी योजना के तहत व्यक्तिगत कैटल शैडऔर जल संरक्षण एवं भंडारण संरचनाओं के निर्माण को लेकर नएदिशा-निर्देश जारी ।ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा (आई.ए.एस.) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर योजना के तहत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार करवाने के निर्देश दिए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार व्यक्तिगत मवेशी कैटल शैड निर्माण के लिए अधिकतम एक लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए मानक आकार 7 मीटर लंबाई, 4 मीटर चौड़ाई और 2.1 मीटर ऊंचाई निर्धारित की गई है।
लाभार्थी अपना आवश्यकता के अनुसार शैड़ का आकार छोटा करवाना चाहता है तो सहायता राशि भी तय मानकों के अनुपात में कम कर दी जाएगी। विभाग ने इसके लिए 3571.42 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। विभाग ने कैटल शैड निर्माण में स्थानीय सामग्री के उपयोग को अनिवार्य किया है। इसके लिए पशु चिकित्सा अधिकारी से प्रमाण पत्र लेना होगा, साथ ही निर्माण कार्य में मजदूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 बनाए रखना जरूरी होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय योजना के तहत स्वीकृत राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा मजदूर पर खर्च करना अनिवार्य है।
ग्रामीण विकास योजनाएँ
जिला विकास अधिकारी, अभिनित कात्यायन शर्मा के अनुसार, इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
जल संरक्षण संरचनाओं के लिए सहायता
योजना के तहत व्यक्तिगत जल संरक्षण और जल भंडारण संरचनाओं के निर्माण के लिए नई सीमा तय की गई है।
• घरेलू उपयोग, पशुधन और सिंचाई के लिए वर्षा जल संग्रहण करने वाली इन संरचनाओं के निर्माण पर अब अधिकतम 1.50 लाख रुपये प्रति इकाई तक की सहायता मिलेगी।
जल भंडारण टैंक का मानक
• जल भंडारण टैंक का मानक आकार 3.6 मीटर x 3.6 मीटर x 2.4 मीटर निर्धारित किया गया है, जिसकी क्षमता लगभग 31,000 लीटर होगी।
• यदि लाभार्थी अपनी भूमि और आवश्यकता के अनुसार इसका आकार छोटा करता है, तो सहायता राशि भी उसी अनुपात में कम कर दी जाएगी।
निर्माण और लागत अनुपात
जल भंडारण संरचना के निर्माण में भी मजदूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 रखना अनिवार्य रहेगा।
• यदि कोई लाभार्थी निर्धारित सीमा से अधिक लागत वाली बड़ी संरचना बनाना चाहता है, तो अतिरिक्त खर्च उसे स्वयं वहन करना होगा।
