स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर डाक विभाग की अनूठी पहल—दुर्गम क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने की दिशा में अहम कदम
नई दिल्ली/मंडी, 14 अगस्त। देशभक्ति, जनसेवा और तकनीकी नवाचार के अनूठे संगम के रूप में डाक विभाग ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हिमाचल प्रदेश में पहली बार ड्रोन के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ पहुंचाया। यह डिलीवरी मंडी प्रधान डाकघर से रेहड़ाधार शाखा डाकघर तक की गई।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस पहल का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने मंडी प्रधान डाकघर से ड्रोन के उड़ान भरने का सीधा प्रसारण देखा और डाक अधिकारियों तथा ड्रोन ऑपरेटर से संवाद किया। ड्रोन के रेहड़ाधार शाखा डाकघर पहुंचने पर डाक टीम ने तिरंगे से युक्त पार्सल प्राप्त किया और उसे एक पूर्व सैनिक को औपचारिक रूप से सौंपा। इस तरह इस ऐतिहासिक डिलीवरी को देशसेवा से जुड़े एक विशेष भावनात्मक अवसर से भी जोड़ा गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आसमान से तिरंगे की यह यात्रा ऐसे नए भारत की भावना का प्रतीक है, जो भौगोलिक बाधाओं को पार कर हर नागरिक तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण कर रहा है। यह अवसर राष्ट्रीय गौरव, सेवा भावना और विकसित भारत के संकल्प को एक साथ जोड़ता है।
सिंधिया ने कहा कि तिरंगा केवल हर घर में ही नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल में भी होना चाहिए। इसी भावना के तहत इंडिया पोस्ट ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में योगदान दे रहा है और देशभर के नागरिकों के लिए राष्ट्रीय ध्वज की डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध करा रहा है, ताकि लोग अपने घर से ही राष्ट्रीय गौरव के इस उत्सव में भाग ले सकें।
मंडी से रेहड़ाधार तक ड्रोन के माध्यम से तिरंगे की डिलीवरी यह दर्शाती है कि उभरती तकनीक किस तरह इंडिया पोस्ट के व्यापक भौतिक नेटवर्क की पूरक बन सकती है। विशेष रूप से दुर्गम और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में अंतिम छोर तक डाक एवं सार्वजनिक सेवाएं पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक नए विकल्प उपलब्ध करा सकती है।
डाक विभाग पारंपरिक परिवहन व्यवस्था के सामने आने वाली भौगोलिक और अन्य चुनौतियों के बीच ड्रोन आधारित डाक परिवहन की संभावनाओं का विस्तार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तकनीकी रूप से उन्नत, समावेशी और कनेक्टेड ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप विभाग ने हिमाचल प्रदेश और असम में 150 चिन्हित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक परिवहन की तैनाती की योजना बनाई है।
इस पहल का उद्देश्य कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और डाक वितरण को अधिक प्रभावी एवं तेज बनाना है। यह डाक विभाग के मूल मंत्र ‘डाक सेवा, जन सेवा’ को तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। Iske liye photos banaye
